अगर कोई मुफ्त में गैस चूल्हा और सिलेंडर देने के नाम पर सफेद कागज़ पर आपका अंगूठा लगवा ले और फिर उसी कागज़ के दम पर किसी दूसरे शख्स पर FIR करवा दे। तो आप क्या करेंगे। हो सकता है आपको ये मामला फिल्मी लगे लेकिन ये सौ फीसदी सच है।

मामला कटिहार जिले का है जहां चुनावी मौसम में कांग्रेस विधायक पर एक शख्स से सफ़ेद कागज़ पर अंगूठा लगवाकर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी पर झूठा मुकदमा करने का आरोप लगा है।

बिहार में चुनावी दस्तक के साथ ही राजनीति के खिलाड़ी एक दूसरे को मात देने के लिए हर चाल चलने के लिए तैयार हैं। ये मामला कटिहार जिले की मनिहारी विधानसभा का है, जहां कांग्रेस विधायक पर आरोप है की उन्होंने मिर्जापुर बघार के विश्वनाथ यादव को मुफ्त का गैस सिलिंडर दिलाने का लालच देकर उनसे सफ़ेद कागज़ पर अंगूठे का निशान लगवा लिया और उसी कागज़ के आधार पर मनिहारी थाने में जिला परिषद् और JDU नेता शम्भू सुमन पर ठगी का मामला दर्ज करवा दिया।

जिस विश्वनाथ यादव के नाम पर ठगी का आरोप लगाया गया है वो कोर्ट में जाकर न सिर्फ अपनी गवाही से मुकर गए बल्कि कैमरे पर विधायक पर जालसाजी करने का आरोप भी लगा दिया। विश्वनाथ यादव के मुताबिक उन्होंने जिला परिषद् शम्भू सुमन पर कोई मामला दर्ज नहीं कराया, वो तो थाने भी नहीं गए हैं।

उधर मामला सामने आने के बाद JDU नेता ने कहा की विधायक जी उन्हें राजनितिक प्रतिद्वंधी समझते हैं, इसीलिए वो इस तरह की साजिश रच रहे हैं। शंभु सुमन ने कहा की वो अब इस मामले में आवेदन देकर आला अधिकारियों से इन्साफ की गुहार लगाएंगे।

इस पूरे मामले पर मनिहारी विधायक मनोहर प्रसाद ने सफाई देते हुए कहा की उनपर साजिश रचने का लगाया गया आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है।

विश्वनाथ यादव को उन्होंने कभी नहीं बुलाया था, बल्कि वो खुद स्थानीय मुखिया के साथ जदयू नेता शम्भू सुमन से जुड़ी शिकायत लेकर आये थे। लगता है वो किसी लालच में अपना बयान बदल रहे हैं। जहाँ तक शम्भू सुमन की बात है वो किसी भी पार्टी से राजनीति करें, उम्मीदवार बनें, इससे उनको कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन अगर उनकी मान प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ हुआ तो वो इसके खिलाफ मामला दर्ज करवाएंगे।