Main Media

Seemanchal News, Kishanganj News, Katihar News, Araria News, Purnea News in Hindi

Support Us

पूर्णिया: अस्पतालों में आई फ्लू मरीज़ों की लंबी कतारें, डॉक्टर ने क्या दी सलाह

अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर श्वेता भारती ने बताया कि तेज़ी से फैलने वाली आँखों की इस बीमारी का नाम ‘वायरल कंजंकटीवाईटिस’ है। यह एक सामान्य फ्लू है जो बीच बीच में होता रहता है। अभी यह बीमारी ‘एडिनो वाइरस’ की वजह से फैल रही है। यह फ्लू बहुत तेज़ी से एक से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है।

Syed Tahseen Ali is a reporter from Purnea district Reported By Syed Tahseen Ali |
Published On :

देश के कई हिस्सों में फैल चुका आई फ्लू अब बिहार में भी भयावह रूप लेने लगा है। पूर्णिया जिले में आई फ्लू के मरीजों की संख्या आए दिन बढ़ रही है। जीएमसीएच के OPD में हर रोज 100 से 150 की संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि आई फ्लू मरीज के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति को बचना चाहिए।

अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर श्वेता भारती ने बताया कि तेज़ी से फैलने वाली आँखों की इस बीमारी का नाम ‘वायरल कंजंकटीवाईटिस’ है। यह एक सामान्य फ्लू है जो बीच बीच में होता रहता है। अभी यह बीमारी ‘एडिनो वाइरस’ की वजह से फैल रही है। यह फ्लू बहुत तेज़ी से एक से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है।

कैसे बचें इस वायरस से

डॉक्टर श्वेता भारती ने आगे कहा कि इससे अधिक घबराने की ज़रूरत नहीं है। घर में जिस बच्चे को यह बीमारी होती है, उसे अलग रखना चाहिए और बार बार हाथ धुलाते रहना चाहिए। मरीज़ का रुमाल और तकिया अलग रखना चाहिए और स्पर्श से बचना चाहिए। इसके लिए आम तौर पर दवाई खाने की आवश्यकता नहीं होती है। तीन से चार दिनों में यह ठीक भी हो जाता है।


“अगर बहुत ज्यादा लाली हो, पलकें बहुत ज्यादा सूज गई हों, तो उस समय नेत्र चिकित्सक से परामर्श लेना है। ज्यादा सीरियस होने पर कुछ लुब्रिकेटिंग ड्राॅप और एंटी बायोटिक का भी रोल है। हालांकि वायरल इंफेक्शन में एंटी बायोटिक ज्यादा काम नहीं करता, लेकिन आँख में खुजली बढ़ने से एंटी बायोटिक देना पड़ता है। इसको लेकर डरने की बात नहीं है। 1% से भी कम लोगों में कॉर्निया प्रभावित होता है,” डॉक्टर श्वेता भारती कहती हैं।

डॉक्टर श्वेता ने इस वायरल बीमारी से बचने के लिए हाथ धोने और मरीज़ से दूरी बनाने जैसी सामान्य सावधानी बरतने को कहा। अगर किसी मरीज़ को यह बीमारी हो जाती है तो बर्फ से सेंकना और डॉक्टर की सलाह से कुछ ड्राॅप का इस्तेमाल किया जा सकता है। डॉक्टर श्वेता ने इस बात पर ज़ोर दिया कि खुद से किसी तरह की कोई दवा का प्रयोग न करें, ऐसा करना हानिकारक हो सकता है।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

सैयद तहसीन अली को 10 साल की पत्रकारिता का अनुभव है। बीते 5 साल से पुर्णिया और आसपास के इलाकों की ख़बरें कर रहे हैं। तहसीन ने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

Related News

पूर्णिया में अपेंडिक्स के ऑपरेशन की जगह से निकलने लगा मल मूत्र

सीमांचल के पानी में रासायनिक प्रदूषण, किशनगंज सांसद ने केंद्र से पूछा- ‘क्या है प्लान’

किशनगंज: प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र पर आशा कार्यकर्ताओं का धरना

किशनगंज के नर्सिंग होम में छापा, डॉक्टर की कुर्सी पर मिला ड्राइवर

बुजुर्ग का शव ठेले पर पड़ा रहा, परिजन लगाते रहे राहगीरों से गुहार

बिहार में आशा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवा ठप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

क़र्ज़, जुआ या गरीबी: कटिहार में एक पिता ने अपने तीनों बच्चों को क्यों जला कर मार डाला

त्रिपुरा से सिलीगुड़ी आये शेर ‘अकबर’ और शेरनी ‘सीता’ की ‘जोड़ी’ पर विवाद, हाईकोर्ट पहुंचा विश्व हिंदू परिषद

फूस के कमरे, ज़मीन पर बच्चे, कोई शिक्षक नहीं – बिहार के सरकारी मदरसे क्यों हैं बदहाल?

आपके कपड़े रंगने वाले रंगरेज़ कैसे काम करते हैं?

‘हमारा बच्चा लोग ये नहीं करेगा’ – बिहार में भेड़ पालने वाले पाल समुदाय की कहानी