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कटिहार: बड़े शेरशाहवादी नेता, चार बार के विधायक मोहम्मद सकुर कौन थे?

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former mla moammad sakoor

कटिहार में शेरशाहवादी समाज के एक बड़े नेता मोहम्मद सकुर का 82 साल की उम्र में सोमवार को निधन हो गया। सकुर कटिहार के बरारी और प्राणपुर विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे हैं।


कटिहार में शेरशाहवादी समाज की आवाज़ को बुलंद करने वाले तीन नेताओं में मुबारक हुसैन, मोहम्मद सकुर और मंसूर आलम की गिनती होती है। इनमें से मोहम्मद सकुर इन तीनों में सबसे सीनियर थे। मुबारक हुसैन की मृत्यु पहले ही हो चुकी है। मंसूर आलम के बेटे तौकीर आलम कांग्रेस के नेता हैं और प्राणपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते हैं।

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मोहम्मद सकुर पहली बार CPM के टिकट पर 1969 में बरारी से विधायक बने। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के सत्यनारायण सिंह को हराया था। सकुर को 11,783 तो सत्यनारायण सिंह को 7,617 वोट मिले थे।


1972 विधानसभा चुनाव में बरारी से ही कांग्रेस के टिकट पर दूसरी बार विधायक बने। 21,853 वोट लाकर उन्होंने महेंद्र नारायण यादव को इस चुनाव में मात दी।

1977 में प्राणपुर विधानसभा अस्तित्व में आया, तो मोहम्मद सकुर ने दूसरे बड़े शेरशाहवादी नेता मंसूर आलम के लिए बरारी सीट छोड़ दी और प्राणपुर से चुनाव लड़ा लेकिन, मोहम्मद सकुर ये चुनाव महेंद्र नारायण यादव के हाथों हार गए। उधर, बरारी से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे मंसूर आलम को बासुदेव प्रसाद सिंह ने हरा दिया।

साल 1980 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर मोहम्मद सकुर ने 21,853 वोट के साथ प्राणपुर में महेंद्र नारायण यादव को हरा दिया। साल 1985 का चुनाव उन्होंने नहीं लड़ा, लेकिन 1985 में बरारी से मंसूर आलम कामयाब हुए।

1990 और 1995 में मोहम्मद सकुर बतौर निर्दलीय उम्मीदवार प्राणपुर से चुनाव लड़े, लेकिन बुरी तरह से हार गए। 2000 का चुनाव उन्होंने NCP टिकट पर बरारी से लड़ा, लेकिन राजद के टिकट पर चुनाव लड़ रहे मंसूर आलम ने उन्हें हरा दिया।

mohammad sakoor with tariq anwar

फ़रवरी 2005 में उन्होंने बरारी से मंसूर आलम को हरा दिया, लेकिन नवंबर 2005 में यहां से भाजपा जीत गई।

2010 में भी बरारी से मोहम्मद सकुर (एनसीपी) और मंसूर आलम (राजद) दोनों ही चुनाव लड़े और भाजपा जीत गई। 2015 में महागठंधन की ओर से राजद प्रत्याशी नीरज ने बरारी से एनसीपी से मोहम्मद सकुर को हरा दिया और दूसरी तरफ प्राणपुर से कांग्रेस टिकट पर मंसूर आलम के बेटे तौकीर आलम चुनाव हार गए।

2019 लोकसभा चुनाव से पहले एनसीपी के बड़े नेता और पूर्व कटिहार सांसद वापस कांग्रेस में चले गए, तब मोहम्मद सकुर एनसीपी में टिके रहे। कटिहार के टाउन हॉल में एक बड़ा प्रोग्राम आयोजित कर पार्टी ने मोहम्मद सकुर को कटिहार लोकसभा से उम्मीदवार घोषित किया। इस चुनाव में उन्हें मात्र 9,000 वोट आए, ये उनका आखिर चुनाव था।

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