बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद कई नेता अपनी पार्टियों से बागी हो चले हैं। इन नेताओं ने पार्टी की ओर से टिकट नहीं मिलने के बाद कुछ ने खुद के लिए दूसरे पार्टी से टिकट ली तो कुछ ने निर्दलीय चुनाव ही लड़ना बेहतर सोचा। ऐसे में इन नेताओं से अब पार्टियों को डर लगने लगा है। पार्टियों के ओर से अपने बागियों पर अब कार्रवाई भी की जा रही है। इसमें सबसे पहली कार्यवाही बीजेपी की ओर से की गई थी। बीजेपी ने अपने 9 विधायकों को निष्कासित कर दिया है।

वहीं अब बीजेपी की तर्ज पर जदयू ने भी अपने बागियों के खिलाफ कार्यवाही की है। जदयू की ओर से ददन पहलवान, भगवान सिंह कुशवाहा, कंचन गुप्ता, सुमित सिंह, रणविजय सिंह समेत जदयू और भाजपा के खिलाफ उतरे करीब 10 नेताओं को 7 साल के लिए पार्टी से निकालने की तैयारी हो चुकी है। पार्टी की ओर से आज किसी भी समय इसका आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।

बता दें कि सोमवार को भाजपा से बगावत करके लोजपा समेत अन्य पार्टियों से चुनाव लड़ने वाले 9 नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इनमें राजेन्द्र सिंह, रामेश्वर चौरसिया, उषा विद्यार्थी जैसे जाने-माने नाम भी शामिल हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि इनके चुनाव मैदान में उतरने से पार्टी की छवि खराब हो रही है।

भाजपा के निर्णय से इतर जाकर चुनाव लड़ने वाले सभी नौ नेताओं को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया गया है। जिन नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा गया है। गौर हो कि भाजपा ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जो कोई भी दूसरे दल से चुनाव लड़ रहे हैं, वे नाम वापसी के अंतिम दिन तक अपना नामांकन वापस ले लें।