लॉकडाउन के चलते बिहार पुलिस की ड्यूटी की मियाद भी बढ़ी हुई है और जिम्मेदारियां भी लेकिन इसी बीच अनुशासन को लेकर बिहार पुलिस के मुखिया का एक फरमान सामने आया है।

ड्यूटी के दौरान पुलिस अधिकारी व जवान मोबाइल का बेवजह इस्तेमाल नहीं करेंगे। अगर ऐसा होता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। पुलिस मुख्यालय ने ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के अनावश्यक मोबाइल और सोशल मीडिया का मनोरंजन के लिए उपयोग करने पर रोक लगा दी है। आदेश का उल्लंघन अनुशासनहीनता मानी जाएगी। इस बाबत डीजीपी एसके सिंघल ने मंगलवार को आदेश जारी किया है।

आदेश के मुताबिक विधि-व्यवस्था बनाए रखने, वीआईपी ड्यूटी, यातायात व्यवस्था, चौक-चौराहों या अन्य महत्वपूर्ण स्थान पर पुलिस अफसरों और जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है। इस दौरान कर्तव्य के मद्देनजर इन्हें सजग रहना जरूरी होता है। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जब ड्यूटी के दौरान पुलिस अफसरों और जवानों द्वारा बेवजह मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है। मोबाइल का अनावश्यक इस्तेमाल या फिर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से जुड़कर मनोरंजन करते हैं। इससे कर्तव्य के दौरान पुलिसकर्मियों का ध्यान भटकता है। कार्यक्षमता और दक्षता भी प्रभावित होती है। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि यह अनुशासनहीनता का भी परिचायक है। इससे आम लोगों के बीच पुलिस की छवि न सिर्फ धूमिल होती है बल्कि मामले उजागर होने पर पुलिस की छवि पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है।

डीजीपी ने पुलिस अफसरों और कर्मियों द्वारा कर्तव्य के दौरान (विशेष परिस्थिति को छोड़कर) मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग नहीं करने का आदेश दिया है। पुलिस मुख्यालय के सभी प्रभाग के प्रभारी के साथ रेंज आईजी-डीआईजी, एसएसपी, एसपी और कमांडेंट को इसकी कॉपी भेज दी गई है।