कोरोना महामारी के बीच देश मे एलोपैथी और आयुर्वेद का झगड़ा चल रहा है। वजह पतंजलि वाले योग गुरु बाबा रामदेव जिनके बवाली बयानों ने देश के डॉक्टर्स को आक्रोशित कर दिया है। इस बीच बिहार के मुज़फ्फरपुर से बड़ी ख़बर है, जहां बाबा रामदेव के खिलाफ देशद्रोह का परिवाद दायर हुआ है।

मुज़फ्फरपुर के CJM कोर्ट में दायर परिवाद पत्र में कहा गया है कि बाबा रामदेव ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए किए जा रहे टीकाकरण अभियान का भी मजाक उड़ाया है, शिकायत में धोखाधड़ी की बात भी कही गई है।

अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश ने एलोपैथी डॉक्टरों के खिलाफ बयान देने को लेकर रामदेव के खिलाफ महामारी एक्ट के अलावा धोखाधड़ी और देशद्रोह की धाराओं में शिकायत दर्ज करवाई है। इस मामले की सुनवाई आगामी 7 जून को होगी।

परिवाद पत्र में अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि गत 21 मई को पतंजलि विश्वविद्यालय एवं शोध संस्थान के संयोजक स्वामी रामदेव ने अलग-अलग टेलिविजन चैनलों पर एलोपैथी चिकित्सा विज्ञान पर अमर्यादित टिप्पणी तो की ही, इसके साथ ही उन्होंने कोरोना से डॉक्टरों की मौत का मजाक भी उड़ाया था।

परिवाद पत्र में कहा गया है कि बाबा रामदेव ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए किए जा रहे टीकाकरण अभियान का भी मजाक उड़ाया है। साथ ही लोगों में टीकाकरण को लेकर जारी भ्रम को बढ़ावा दिया है। इस परिवाद को न्यायालय ने स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 7 जून की तारीख तय की है।