Tuesday, May 17, 2022
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कटिहार में मस्जिद के सामने ह्यूमन चेन की वायरल तस्वीर की पूरी कहानी

इस साल रामनवमी के मौके पर देश के अलग अलग हिस्सों में दो समुदायों के बीच झड़प की कई घटनाएं हुईं। इन घटनाओं के...

Deputy CM Tarkishore Prasad के शहर कटिहार की हवा सांस लेने लायक नहीं

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से 23 मार्च को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक रिपोर्ट में सीमांचल के कटिहार शहर को लेकर चौंकाने वाला...

क्या चुनावी रंजिश में भीड़ के सामने काट दी गई लड़की की नाक?

इस घटना के बाद आसमीन के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। नाक कट जाने के चलते वह और उसका परिवार सदमे में है कि अब उससे शादी कौन करेगा और इस स्थिति में वह सार्वजनिक जगहों पर कैसे जा सकेगी।

“हालात बदतर, हमें नहीं पता क्या होगा”- युक्रेन में फंसी कटिहार की छात्रा से बातचीत

निक्की यूक्रेन के शहर इवानो फ्रैंकिवस्क में यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रह रही हैं। उनके साथ हाॅस्टल में करीब 500 छात्र रह रहे हैं। इनमें बिहार के भी कुछ छात्र हैं। निक्की समेत हाॅस्टल के अन्य सभी छात्र डाॅक्टरी की पढ़ाई कर रहे हैं।

बिहार बोर्ड की लापरवाही, गणित की परीक्षा थी, गृह विज्ञान का पेपर थमाया

मैट्रिक की परीक्षा के पहले दिन किशनगंज में बिहार बोर्ड की चूक के चलते एक छात्रा का एक साल बर्बाद हो सकता है। बताया जा रहा है कि उक्त छात्रा की गणित विषय की परीक्षा ली जानी चाहिए थी, लेकिन उसे गृह विज्ञान का पेपर दे दिया गया। मामला किशनगंज के सरस्वती विद्या मंदिर सेंटर का है।

किसकी लापरवाही से मासूम की कब्रगाह बन गया सड़क के लिए खोदा गया गड्ढा?

कटिहार जिले के आजमनगर प्रखंड की अरिहाना पंचायत के मरंगी टोले में सड़क पर मिट्टी डालने के लिए किये गये गड्ढे में गिरने से 8 साल के एक बच्चे इमरान की मौत की घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने कहा है कि गड्ढे को लेकर उन्होंने पहले ही आगाह किया था।

WATCH: अज्ञात बीमारी से दो महीने में सैकड़ों सूअरों की मौत

कोरोना महामारी के बीच किशनगंज में पालतू सूअरों की मौत से लोगों में दहशत है। पिछले दो माह में जिले में पांच सौ से ज्यादा सुअरों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों सुअर अभी भी इस अज्ञात बीमारी की चपेट में हैं।

Exclusive: पुणे हादसा पर बिहारी मजदूरों ने किया सनसनीखेज खुलासा

महाराष्ट्र के पुणे के यरवदा में तीन फरवरी की रात एक कंस्ट्रक्शन साइट पर स्लैब गिरने से बिहार के कटिहार जिले के पांच मजदूरों की मौत के मामले में वहां काम करने वाले मजदूरों ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पांचों शव के साथ लौटे मजदूरों ने कहा है कि साइट पर कोई इंजीनियर नहीं रहता था और न ही सुरक्षा का कोई इंतजाम था। मजदूरों का ये भी कहना है कि साइट पर एक दिन पहले भी हादसा हुआ था इसके बावजूद मजदूरों से काम कराया गया।

WATCH: स्लैब में बिहारी मजदूर ही नहीं, उनके परिवारों के सपने भी दब गये

ताजीब आलम, मोहम्मद मोबिद, मोहम्मद सोहेल, मोहम्मद शमीम। ये चार नाम उन मजदूरों के हैं, जो अपने परिवार के सदस्यों की जिंदगी थोड़ी बेहतर बनाने या यूं कह लीजिए कि जीने लायक बनाने के लिए अपने घर से 2000 किलोमीटर दूर पुणे गये थे। उनके परिवार के लोग इस उम्मीद में थे कि वहां से नियमित पैसा आएगा, तो यहां सबकुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन उन्हें क्या पता था कि पैसे की जगह उनकी मौत की खबर आएगी।

अररिया में काल बन रहे हाईटेंशन बिजली के तार

अररिया जिले में हाइटेंशन तार लोगों के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। यहां अक्सर हाईटेंशन तार की चपेट में आकर लोगों की जान जा रही है।

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