Main Media

Seemanchal News, Kishanganj News, Katihar News, Araria News, Purnea News in Hindi

Support Us

Raiganj Bypoll: TMC के कृष्ण कल्याणी, BJP के मानस घोष या कांग्रेस के मोहित सेनगुप्ता?

रायगंज सीट BJP विधायक कृष्ण कल्याणी के इस्तीफ़े की वजह से ख़ाली हुई है। दरअसल, कृष्ण कल्याणी ने विधायकी से इस्तीफ़ा देकर TMC के टिकट पर रायगंज सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन, वह हार गये।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
Published On :

पश्चिम बंगाल की रायगंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिये 10 जुलाई को मतदान हो रहा है। उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कृष्ण कल्याणी, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मानस कुमार घोष और कांग्रेस के मोहित सेनगुप्ता के बीच त्रिकोणीय मुक़ाबला है।

रायगंज सीट BJP विधायक कृष्ण कल्याणी के इस्तीफ़े की वजह से ख़ाली हुई है। दरअसल, कृष्ण कल्याणी ने विधायकी से इस्तीफ़ा देकर TMC के टिकट पर रायगंज सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन, वह हार गये।

Also Read Story

Raiganj Bypoll Result: 50077 वोटों से चुनाव जीते TMC के कृष्ण कल्याणी

Rupauli Bypoll Result: 8,246 वोटों से चुनाव जीते निर्दलीय शंकर सिंह

रुपौली पहुंचे सीएम नीतीश कुमार, बीमा भारती को लेकर कहा- “उसको कुछ बोलना नहीं आता था”

जदयू के कमजोर होने के दावे के बीच पार्टी कैसे बन गई किंगमेकर?

रुपौली विधानसभा उपचुनाव: राजद की बीमा, जदयू के कलाधर या निर्दलीय शंकर सिंह?

“सरकार मेरे परिवार को फंसा रही है”, रुपौली उपचुनाव में राजद प्रत्याशी बीमा भारती

रुपौली विधनसभा उपचुनाव: जदयू प्रत्याशी कलाधर मंडल ने माना, रुपौली में अपराध ज़्यादा

“रुपौली में अब नहीं चलेगा अपराधियों का राज” – एनडीए प्रत्याशी की जनसभा में बोले बिहार कैबिनेट मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल 

रुपौली विधानसभा उपचुनाव: बीमा भारती ने कहा, “हमारे परिवार से हम लड़ेंगे या हमारे पति लड़ेंगे”

बताते चलें कि कृष्ण कल्याणी 2021 में BJP के टिकट पर रायगंज से विधायक बने थे, लेकिन, कुछ समय बाद ही वह TMC में शामिल हो गये थे।


उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) अब तक रायगंज विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है। 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC के उम्मीदवार कन्हैया लाल अग्रवाल को कृष्ण कल्याणी ने BJP के टिकट पर लड़ते हुए हराया था। ऐसे में TMC के लिये यह सीट निकालना चुनौती भरा होगा।

रायगंज सीट पर 1996 से 2021 तक लगातार कांग्रेस का क़ब्ज़ा रहा। हालांकि, 2021 में कांग्रेस उम्मीदवार को इस सीट से हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मोहित सेनगुप्ता की बुरी तरह से हार हुई थी और वह तीसरे स्थान पर रहे थे। हालांकि, कांग्रेस ने एक बार फिर मोहित सेनगुप्ता पर भरोसा जताया है।

रायगंज विधानसभा सीट का इतिहास

1951 और 1957 के विधानसभा चुनाव में रायगंज विधानसभा सीट पर दो-दो एमएलए चुने गये थे। 1951 में कांग्रेस के श्यामा प्रसाद बर्मन तथा ग़ुलाम हमीदुर रहमान और 1957 में कांग्रेस के ही श्यामा प्रसाद बर्मन और हाजी बदीरुद्दीन अहमद रायगंज से विधायक बने।

1962 में कांग्रेस के टिकट पर रमेंद्र नाथ दत्त, 1967 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर एनएन कुंडु, 1969 में सीपीएम के टिकट पर मानस रॉय और 1971 तथा 1972 के चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस के टिकट पर रमेंद्र नाथ दत्त यहां से विधायक के तौर पर चुने गये।

इसी प्रकार, 1977 में सीपीएम के टिकट पर खगेन्द्र नाथ सिन्हा, 1982 में कांग्रेस के दीपेन्द्र बर्मन, 1987 तथा 1991 में एक बार फिर सीपीएम के खगेन्द्र नाथ सिन्हा, 1996 में कांग्रेस के दिलीप कुमार दास, 2001 तथा 2006 में कांग्रेस के चित्तरंजन रॉय, 2011 तथा 2016 में कांग्रेस के टिकट पर मोहित सेनगुप्ता और 2021 में BJP के टिकट पर कृष्ण कल्याणी यहां से विधायक बने।

2021 का विधानसभा चुनाव

2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में रायगंज सीट पर BJP के कृष्ण कल्याणी और TMC के कन्हैया लाल अग्रवाल के बीच मुक़ाबला हुआ था, जिसमें कृष्ण कल्याणी की जीत हुई थी। कृष्ण कल्याणी ने कन्हैया लाल अग्रवाल को 20748 वोटों से पराजित किया था। कांग्रेस के मोहित सेनगुप्ता 17198 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे।

कुल 9 उम्मीदवार चुनावी मैदान में

रायगंज उपचुनाव के लिये कुल 9 उम्मीदवार अपनी क़िस्मत आज़मा रहे हैं। हालांकि, कुल 10 उम्मीदवारों ने नामांकन दाख़िल किया था, लेकिन, एक निर्दलीय प्रत्याशी जयदेव घोष का नामांकन रद्द हो गया है, इसलिये अब 9 ही प्रत्याशी बचे हैं।

TMC, BJP और कांग्रेस के उम्मीदवारों के अलावा नॉर्थ बंगला पीपुल्स पार्टी के टिकट पर बलराम चक्रवर्ती, निर्दलीय अनवारुल हक़, प्रभास रॉय, फकीरा मोहम्मद, बहामनी हंसदा और विनय कुमार दास भी चुनावी मैदान में हैं।

TMC कैंडिडेट कृष्ण कल्याणी

कृष्ण कल्याणी पेशे से एक बिज़नेसमैन हैं।

2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP के टिकट पर वह पहली बार रायगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे, जिसमें उनको जीत हासिल हुई। लेकिन, कुछ दिनों बाद ही BJP छोड़कर वह TMC में शामिल हो गए।

45 वर्षीय कृष्ण कल्याणी के ख़िलाफ कोई भी आपराधिक मुक़दमा दर्ज नहीं है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से बी.कॉम किया है।

उनके पास तक़रीबन साढ़े सात करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 2.42 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। उनपर तक़रीबन 83 लाख रुपये का क़र्ज़ है। वहीं, उनकी पत्नी के नाम पर 1.31 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति दर्ज है।

BJP कैंडिडेट मानस कुमार घोष

BJP उम्मीदवार मानस कुमार घोष पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। वह उत्तरी दिनाजपुर BJP कमेटी के उपाध्यक्ष हैं। राजनीति में आने से पहले वह प्राइमरी स्कूल में शिक्षक के तौर पर कार्यरत थे।

मानस कुमार इससे पहले TMC से जुड़े हुए थे। वह रायगंज प्रखंड TMC कमेटी के अध्यक्ष और TMC के नेतृत्व वाली रायगंज पंचायत समिति के सहकारी सभापति थे। 2023 के पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव से पहले वह बीजेपी में शामिल हो गए।

45 वर्षीय मानस कुमार घोष के ख़िलाफ़ रायगंज पुलिस स्टेशन में एक आपराधिक मुक़दमा दर्ज है। वह तक़रीबन 20 लाख रुपये की चल संपत्ति और 64 लाख रुपये की अचल संपत्ति के मालिक हैं। वहीं, उनकी पत्नी के नाम पर 18 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति दर्ज है।

INC कैंडिडेट मोहित सेनगुप्ता

रायगंज सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिये कांग्रेस ने एक बार फिर पूर्व विधायक मोहित सेनगुप्ता पर भरोसा जताया है। वह कांग्रेस के टिकट पर रायगंज से 2011-2021 तक लगातार दो बार विधायक रहे हैं।

2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भी वह रायगंज सीट से चुनाव लड़े, जिसमें उनको हार का सामना करना पड़ा। उस चुनाव में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे कृष्ण कल्याणी ने रायगंज से जीत हासिल की थी। मोहित सेनगुप्ता 17198 लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे।

73 वर्षीय मोहित सेनगुप्ता के ख़िलाफ़ रायगंज थाने में एक आपराधिक मुक़दमा दर्ज है। उन्होंने रायगंज यूनिवर्सिटी से बी.कॉम की पढ़ाई की है।

मोहित सेनगुप्ता एक करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति और 36 लाख रुपये की अचल संपत्ति के मालिक हैं। उनपर 10.5 लाख रुपये का क़र्ज़ है।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

Related News

रुपौली उपचुनाव: पूर्व विधायक शंकर सिंह ने दिया लोजपा (रामविलास) से इस्तीफा, निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव 

रुपौली विधानसभा उपचुनाव: कौन हैं जदयू के प्रत्याशी कलाधर प्रसाद मंडल?

रुपौली विधानसभा उपचुनाव पर बोले पप्पू यादव – ‘जनता घिसी-पिटी राजनीति करने वालों के साथ नहीं है’

लोकसभा चुनाव 2024: किशनगंज में कैसे कांग्रेस ने फिर एक बार जदयू व AIMIM को दी पटखनी?

वायरल ऑडियो: क्या किशनगंज में भाजपा नेताओं ने अपना वोट कांग्रेस के तरफ ट्रांसफर कराया?

पप्पू यादव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिले, कांग्रेस को दिया अपना समर्थन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

अररिया में भाजपा नेता की संदिग्ध मौत, 9 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

अररिया में क्यों भरभरा कर गिर गया निर्माणाधीन पुल- ग्राउंड रिपोर्ट

“इतना बड़ा हादसा हुआ, हमलोग क़ुर्बानी कैसे करते” – कंचनजंघा एक्सप्रेस रेल हादसा स्थल के ग्रामीण

सिग्नल तोड़ते हुए मालगाड़ी ने कंचनजंघा एक्सप्रेस को पीछे से मारी टक्कर, 8 लोगों की मौत, 47 घायल

किशनगंज के इस गांव में बढ़ रही दिव्यांग बच्चों की तादाद