बिहार चुनाव को लेकर महागठबंधन और एनडीए के अलावा अब बिहार में एक तीसरा मोर्चा बनकर सामने खड़ा हो गया है। इस गठबंधन में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन, बहुजन समाज पार्टी, सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी, समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक और जनतांत्रित पार्टी सोशलिस्ट शामिल हैं। आज इन सभी 6 पार्टियों ने अपने गठबंधन का ऐलान पटना में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में किया।

इस प्रेस कांफ्रेंस में रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा के संग, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और देवेन्द्र प्रसाद यादव मौजूद थे। इस दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि नए फ्रंट के संयोजक देवेंद्र यादव रहेंगे। इस फ्रंट का नाम ‘ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट’ रखा गया है, जिसमें कुल 6 पार्टियां शामिल हैं। साथ ही यह भी तय किया गया कि इस फ्रंट की ओर से बिहार में मुख्यमंत्री के पद के उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा होंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमें खुशी है कि हम बिहार के लोगों को विकल्प दे पाए हैं और हमारे साथ नई पार्टियां आई हैं। उन्होंने कहा कि 15 साल के नीतीश राज में बिहार की जनता से धोखा किया गया है, ऐसे में अब नए विकल्प की जरूरत है। कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का कोई औचित्य नहीं बचा है, सिर्फ पैसों वाले बच्चों की पढ़ाई हो रही है. रोजगार के लिए लोगों को बाहर जाना पड़ रहा है. उपेंद्र कुशवाहा ने तंज कसा कि हमारा गठबंधन तैयार हो गया है, लेकिन महागठबंधन और एनडीए आपस में ही लड़ रहा है. बीजेपी अपनी सहयोगी पार्टी के खिलाफ ही तीसरी पार्टी के जरिए चुनाव लड़ रही है।