आपदा को अवसर में बदल कर झारखंड के बोकारो जिलान्तर्गत राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय, दाँतु की छात्राएं कौशल के पंख लगाकर सपनों की उड़ान भर रही हैं।
क्षेत्र में बिजली की समस्या को देखते हुए छात्राओं ने सोलर पैनल से गाँव में रौशनी फैलाने की ठान ली। उन्होंने स्कूल के व्यावसायिक प्रशिक्षक की मदद से मल्टीपर्पज सोलर सिस्टम, मल्टीपोर्ट चार्जिंग डिवाइस, सोलर ट्री, मिनी सोलर वेंडर लाइट और सोलर लैंप जैसे कई उपयोगी प्रोडक्ट तैयार कर रोज़गार का अवसर पैदा कर लिया।
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झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की व्यावसायिक योजना के तहत राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय, दाँतु में इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर की ट्रेनिंग दी जा रही है। छात्राएं एलईडी बल्ब, सोलर लाइट प्रोडक्ट बनाकर पास के बाज़ारों में बेच रही हैं।
इन्हीं छात्राओं में से एक अपर्णा कुमारी ने इसी स्कूल से ये कौशल सीखे और वह अब इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पहले वर्ष में है जहां वह अपनी पढ़ाई का पूरा खर्च खुद उठाती है।
विद्यालयों की छात्राओं ने राजस्थान की ए.आर.डी. इलेक्ट्रिकल्स नामक कंपनी में इंटर्नशिप किया जहां उन्होंने एलईडी लाइटिंग असेम्बल करना और बेचना सीखा।
इस दौरान उन्होंने स्ट्रीट लाइट्स, सोलर ट्री और मल्टीपोर्ट चार्जिंग जैसे कई सोलर डिवाइस तैयार किए और अपने गाँव जाकर लोगों तक पहुँचाया।
आज इन बच्चियों ने मिलकर लगभग 7 लाख रुपये का कारोबार खड़ा कर लिया है।
विद्यालय में व्यावसायिक प्रशिक्षक के पद पर कार्यरत अनिमेष ने छात्राओं को नई दिशा दी। उन्होंने ग्यारहवीं और बारहवीं की छात्राओं को एलईडी बल्ब मरम्मत करना सिखाया और फिर सोलर पैनल से उपकरण बनाने की ट्रेनिंग भी दी। छात्राओं ने झारखंड के छोटे से गांव से निकल कर देश भर में कई कार्यशाला और प्रदर्शनियों में हिस्सा लिया।
इंडिया स्किल्स 2024 में राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय, दाँतु की दो छात्राएं, अपर्णा और उषा ने न केवल झारखंड का प्रतिनिधित्व किया बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा नवाचार में देश के सभी राज्यों में से पहला स्थान हासिल किया।
इनकी इस उपलब्धि को संयुक्त राष्ट्र महिला और संयुक्त राष्ट्र भारत ने भी सराहा और इनकी कहानी को अपनी वार्षिक रिपोर्ट में शामिल किया।
सरकारी स्कूलों में बच्चों के बीच मॉडर्न स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए देश भर में 10,000 एटीएल यानी अटल टिंकरिंग लैब चलाये जा रहे हैं। केंद्र सरकार की इस योजना का उद्देश्य छात्रों में जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है।
लोकसभा में 31 जुलाई 2024 को पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मिले आंकड़ों के अनुसार देश में कुल 10000 एटीएल उनमें से 5022 पिछले साल खुले हैं।
झारखंड में 126 एटीएल चल रहे हैं जबकि बोकारो जिले में यह संख्या 11 है जिसमें राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय, दाँतु शामिल नहीं है।
आपदा को अवसर में बदल कर झारखंड के बोकारो जिलान्तर्गत राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय, दाँतु की छात्राएं कौशल के पंख लगाकर सपनों की उड़ान भर रही हैं।
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