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तेजस्वी ने किया ‘किसान विधेयक’ का विरोध

Reported By Sahul Pandey |
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तेजस्वी ने किया ‘किसान विधेयक’ का विरोध, बोले — ‘यह सरकार जबरदस्ती कानून थोपना चाहती है’

लोकसभा में किसान विधेयक पारित होने के बाद से ही देश के कई जगहों पर किसानों की ओर से रैलियां की जा रही हैं। किसान इस विधेयक को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। खासतौर पर पंजाब के किसान इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं।

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शिरोमणि अकाली दल केंद्र सरकार से दिया इस्तीफा

किसानों का विरोध ऐसा है कि एनडीए गठबंधन के अंदर ही फूट सी पड़ गई है। केन्द्र में एनडीए गठबंधन में बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल अब किसानों के समर्थन में आ गई है। शिरोमणि अकाली दल से केन्द्र सरकार में मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया। लेकिन इस विधेयक को लेकर बिहार के किसानों की ओर से कोई बड़ी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिल रही है।

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केन्द्र सरकार किसान विरोधी : तेजस्वी यादव

बिहार में आज इस विवादित विधेयक को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बयान दिया है। तेजस्वी ने इस विधेयक का मामला उठाते हुए मीडिया को यह बयान दिया कि हम तो पहले से ही कह रहे हैं कि केन्द्र सरकार किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि यह कानून पूरी तरीके से किसान विरोधी है। जिस तरीके से केन्द्र सरकार एक के बाद एक तीन विधेयक लेकर आई है उससे साफ है कि ये लोग कानून थोपने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी की पार्टी अब पूंजीपतियों की पार्टी हो गई है। इस सरकार में गरीब, युवा नौजवानों की नहीं सुनी जाती।

इससे पहले तेजस्वी ने एक ट्वीट भी किया जिसमें उन्होंने लिखा — आरजेडी किसान विरोधी डबल इंजन की सरकार द्वारा लोकसभा में पारित अध्यादेशों पर मुखरता से अपना विरोध प्रकट करती है। बेरोजगार युवा और किसान मिलकर इस सरकार को उखाड़ फेकेंगे।

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कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य, सवर्धन और विधेक-2020 और किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020

बता दें कि केन्द्र सरकार हाल ही में किसानों से जुड़ी एक विधेयक संसद में लेकर आई है। जो लोकसभा से पारित हो चुका है। बता दें कि इन विधेयकों में किसान उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) बिल-2020, आवश्यक वस्तु (संशोधन) बिल-2020 और मूल्य आश्वासन तथा कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौता बिल, 2020 शामिल है। गौरतलब है कि लॉकडाउन के समय सरकार ये अध्यादेश लेकर आई थी और अब इसे कानूनी रूप दे ने के लिए बिल संसद में लेकर आई है।

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