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मिथिलांचल में फिर बजेंगे चीनी मिलों के सायरन, रैयाम और सकरी में बनेंगी नई सहकारी चीनी मिलें

सरकार के निर्णय के अनुसार, रैयाम और सकरी में केवल चीनी मिलों की स्थापना ही नहीं होगी, बल्कि गन्ना आधारित उपोत्पाद (बाय-प्रोडक्ट्स) उद्योगों का भी विकास किया जाएगा।

Aaquil Jawed Reported By Aaquil Jawed |
Published On :
Sugar mill sirens will sound again in Mithila region, new cooperative sugar mills will be built in Rayam and Sakri

बिहार सरकार ने मिथिलांचल के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दरभंगा जिले के रैयाम और मधुबनी जिले के सकरी में बंद पड़ी चीनी मिलों की भूमि पर नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह पहल राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत “समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।


सरकार के निर्णय के अनुसार, रैयाम और सकरी में केवल चीनी मिलों की स्थापना ही नहीं होगी, बल्कि गन्ना आधारित उपोत्पाद (बाय-प्रोडक्ट्स) उद्योगों का भी विकास किया जाएगा। इन परियोजनाओं की स्थापना और संचालन का दायित्व दिल्ली की कंपनी इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) को सौंपा गया है। साथ ही बैंक मूल्यांकन प्रतिवेदन के आधार पर स्वीकृत परियोजना लागत का 40 प्रतिशत वित्तीय सहयोग राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी।

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रायम और सकरी की चीनी मिलें कभी मिथिलांचल की अर्थव्यवस्था की धुरी मानी जाती थीं। इन मिलों के बंद होने से क्षेत्र के हजारों किसानों, मजदूरों और छोटे व्यवसायियों की आजीविका प्रभावित हुई थी। लंबे समय से इन मिलों को दोबारा शुरू की मांग उठती रही थी। अब सरकार के इस फैसले से क्षेत्र में फिर से औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।


किसानों को होगा फायदा

राज्य सरकार का मानना है कि नई चीनी मिलों के शुरू होने से गन्ना उत्पादक किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। अभी किसानों को कई बार दूर-दराज के क्षेत्रों में गन्ना भेजना पड़ता है, जिससे परिवहन लागत बढ़ जाती है और लाभ कम हो जाता है।

नई सहकारी चीनी मिलों के संचालन से किसानों को गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार के अनुसार इस परियोजना से गन्ना उत्पादक किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

चीनी मिलों और गन्ना उपोत्पाद आधारित इकाइयों की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। निर्माण कार्य, उत्पादन, परिवहन, भंडारण और सहायक सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

सरकार का मानना है कि इस प्रकार के आधुनिक चीनी कॉम्पलेक्स राज्य में निवेश के लिए एक मॉडल के रूप में उभरेंगे। इससे निजी और संस्थागत निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा तथा बिहार में औद्योगिक निवेश का माहौल और मजबूत होगा।

मंत्रिमंडल के इस निर्णय को मिथिलांचल के लिए एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद की जा रही है।

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Aaquil Jawed is the founder of The Loudspeaker Group, known for organising Open Mic events and news related activities in Seemanchal area, primarily in Katihar district of Bihar. He writes on issues in and around his village.

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