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पटना के बाद कटिहार में छात्रों का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेरने पहुंचे युवाओं पर लाठीचार्ज, जमकर चले ईंट पत्थऱ

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

Aaquil Jawed Reported By Aaquil Jawed |
Published On :
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कटिहार: भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन अब कटिहार तक पहुँच गया। गुरुवार की सुबह-सुबह सैकड़ों छात्र शहर के शहीद चौक से मार्च निकालते हुए समाहरणालय पहुंच गए और वहां जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय स्तर पर उठे शिक्षा संबंधी मुद्दों और छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में जुटे थे। हालांकि प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस तथा छात्रों के बीच टकराव की नौबत आ गई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।


सुबह ही बड़ी संख्या में छात्र हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर कटिहार समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहुंच गए। छात्र शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा से जुड़े विवादों और युवाओं के भविष्य से संबंधित मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन समाहरणालय के दोनों मुख्य गेट बंद करा दिए। प्रदर्शनकारियों ने समाहरणालय के बाहर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। छात्रों का कहना था कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवालों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

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पुलिस और प्रशासन पहले से था अलर्ट

पटना में हाल के दिनों में हुए छात्र आंदोलन और प्रदर्शन के बाद राज्य के सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे। इसी कारण कटिहार पुलिस भी पहले से अलर्ट मोड में थी। जैसे ही प्रशासन को समाहरणालय घेराव की सूचना मिली, बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया। पुलिस ने भी समाहरणालय परिसर को चारों ओर से घेर लिया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र परिसर के बाहर डटे रहे और लगातार नारेबाजी करते रहे।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई छात्र इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समाहरणालय परिसर के आसपास से हटाने के लिए कार्रवाई जारी रखी। कुछ छात्र पुलिस के घेरे में भी आ गए, जिन्हें बलपूर्वक पीछे हटाया गया।

पथराव में सीओ घायल, कई छात्र भी जख्मी

प्रदर्शन के दौरान पथराव किए जाने की भी सूचना है। प्रशासन का कहना है कि भीड़ में मौजूद कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए पत्थर फेंके। इस घटना में सदर अंचलाधिकारी (सीओ) सोनू भगत घायल हो गए। वहीं पुलिस कार्रवाई के दौरान चार से पांच छात्रों के घायल होने की भी सूचना है। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार किया गया।

समाहरणालय परिसर में हुए हंगामे और पुलिस पर पथराव के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल से कई लोगों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना की सूचना मिलते ही जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक ने स्वयं स्थिति की निगरानी की। दोनों अधिकारियों ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से कहा गया कि प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। साथ ही कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, जिसके कारण स्थिति तनावपूर्ण हुई। साथ ही जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन यह कार्य संवैधानिक और कानूनी दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, कानून व्यवस्था को प्रभावित करता है या बिना अनुमति के गैरकानूनी तरीके से प्रदर्शन करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार छात्रों ने शहर के शहीद चौक से समाहरणालय तक पैदल मार्च निकाला था। मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। समाहरणालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना और नारेबाजी कर अपनी मांगों को रखा तथा संबंधित घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि प्रदर्शन बाद में हिंसक झड़प और लाठीचार्ज में बदल गया, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

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Aaquil Jawed is the founder of The Loudspeaker Group, known for organising Open Mic events and news related activities in Seemanchal area, primarily in Katihar district of Bihar. He writes on issues in and around his village.

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