बिहार के छात्र-छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 17 अगस्त 2026 को ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का शुभारंभ किया। पटना के जेडी वूमेंस कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से राज्य के विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक, संस्थान, छात्रावास और कोचिंग से जुड़ी समस्याओं को ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी समस्या के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और शिकायतों को संबंधित विभाग या अधिकारी तक सीधे पहुंचाना है।
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30 दिनों के अंदर शिकायत का होगा निपटारा
इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत शिकायतों के समाधान के लिए तय समयसीमा है। सरकार के अनुसार, विद्यार्थी द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद अधिकतम 30 दिनों के अंदर उसका निष्पादन करने और विद्यार्थी को इसकी जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। इससे छात्रों को अपनी शिकायत के समाधान के लिए लंबे समय तक इंतजार करने या बार-बार संबंधित कार्यालय जाने की परेशानी कम होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 अगस्त को गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विद्यार्थी सहयोग पोर्टल शुरू करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने और उनका समयबद्ध समाधान करने के लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि परीक्षाओं में विद्यार्थियों का विश्वास सर्वोपरि है। बिहार में परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति गठित करने की घोषणा भी की गई है।
हर महीने चौथे मंगलवार को लगेगा विद्यार्थी सहयोग शिविर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से छात्र अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। 25 अगस्त से राज्य के सभी स्कूलों और छात्रावासों में ‘विद्यार्थी सहयोग अभियान’ शुरू किया जाएगा। अभियान के दौरान विद्यार्थियों की समस्याओं और शिकायतों की पहचान कर उन्हें पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराने तथा उनके समाधान की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद यदि 10 दिनों के भीतर उस पर कार्रवाई शुरू नहीं होती है तो स्वतः नोटिस जारी होगा। वहीं, प्रत्येक शिकायत का अधिकतम 30 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और शिकायतों के निपटारे में जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित करना है।
विद्यार्थी सहयोग व्यवस्था से जुड़ी सहायता के लिए “1100 हेल्पलाइन” का भी उल्लेख किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पोर्टल के इस्तेमाल और शिकायत दर्ज कराने में सहायता उपलब्ध कराना है। स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए बड़ा रोजगार लक्ष्य भी घोषित किया। सरकार ने 2030 तक एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही बिहार के युवाओं के समग्र विकास के लिए “बिहार युवा नीति” बनाने की बात कही गई है।
पोर्टल लॉन्च के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं और सुझावों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाना और उनका समयबद्ध समाधान कराना है।” उन्होंने बताया कि अब विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक या संस्थागत समस्याओं के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विद्यार्थियों की समस्या को सुनना, उसे संबंधित स्तर तक पहुंचाना और समय-सीमा में समाधान करना ही विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का मुख्य उद्देश्य है।
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