Thursday, October 6, 2022

मैं मीडिया की खबर के बाद Spice Money ने जारी किया प्रेस नोट

Must read

Main Mediahttps://mainmedia.in
This story has been done by collective effort of Main Media Team.

कटिहार के दो बच्चों के बैंक खाते में 15 सितंबर को 900 करोड़ रुपए से ज्यादा के ट्रांजेक्शन का Spice Money और Sonu Sood से जुड़ाव को लेकर मैं मीडिया की विस्तृत रिपोर्ट के बाद कंपनी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना रुख स्पष्ट किया है।

कंपनी ने कहा है कि उसने इस मामले को गंभीरता से लिया है और बैंकिंग पार्टनर को इसकी जानकारी दी गई है।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “प्रथम दृष्ट्या ये लगता है कि सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के चलते अकाउंट बैलेंस में अलग-अलग रकम दिख रही थी। हमें मिली जानकारी के अनुसार, उन खातों पर उक्त रकम का ट्रांजेक्शन नहीं हुआ है।”

Spice Money Press Release
प्रेस विज्ञप्ति

कंपनी ने कहा है कि Spice Money सिर्फ कस्टमर-फेसिंग बैंकिंग सेवा मुहैया कराता है। इस ताजा मामले में Spice Money, बैंक की तरफ से मुहैया कराई गई जानकारियों के आधार पर सिर्फ अकाउंट बैलेंस / मिनी स्टेटमेंट जारी करने के लिए जिम्मेवार है।

गौरतलब हो कि 15 सितंबर को कटिहार के दो बच्चों के बैंक खातों में करोड़ों की रकम बैलेंस के रूप में दिखी थी। उनमें से एक बच्चे के बैंक खाते में सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे के बीच अलग-अलग रकम दिखी थी और अगले दिन बैलेंस शून्य हो गया था।

ये रकम Spice Money के कस्टमर सर्विस प्वाइंट (सीएसपी) से निकाले गये स्टेटमेंट में दिखा था। सीएसपी ग्रामीण इलाकों में मिनी बैंक का काम करती है। Sonu Sood हाल ही में इस कंपनी के ब्रांड अम्बेसडर बनाये गये हैं। दिलचस्प बात ये भी है कि जिस दिन दोनों बच्चों के खाते में 900 करोड़ से ज्यादा रुपए दिख रहे थे, उसी दिन सोनू सुद की संपत्तियों पर आईटी के छापे भी पड़ रहे थे।

जानकारों ने करोड़ों के ट्रांजेक्शन को तकनीकी खराबी मानने से इनकार किया था और कहा था कि इसकी फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए।

कंपनी ने अपनी विज्ञप्ति में इस घटना का सोनू सूद से किसी तरह का संबंध होने से भी इनकार किया है।

ये एक पृथक घटना है और सोनू सूद का इससे कोई वास्ता नहीं है। ये घटना अकाउंट स्टेटमेंट की प्रिंटिंग करने वाले सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी से संबंधित है और इसे सोनू सूद से जोड़ना हास्यास्पद है”, प्रेस नोट में लिखा है।

यहां ये भी बता दें कि पिछले हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पाइस मनी पर बैंकिंग दिशानिर्देशों की अनदेखी करने के चलते 2.44 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था।

वहीं, Sonu Sood की संपत्तियों पर आईटी के सर्च ऑपरेशन को लेकर 18 सितंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कहना है कि सोनू सूद ने 21 जुलाई 2020 को चैरिटी फाउंडेशन बनाया गया था और कुल 18.94 करोड़ रुपए चंदा वसूला था। इनमें से केवल 1.9 करोड़ रुपए ही खर्च किये गये जबकि 17 करोड़ रुपए फाउंडेशन के अकाउंट में पड़े हुए हैं। प्रेस विज्ञप्ति में ये भी बताया गया है कि सोनू सूद की चैरिटी ने एफसीआरए नियमों को ताक पर रखकर 2.1 करोड़ रुपए विदेश से चंदे के रूप में जुटाये।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article