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किशनगंज समेत बिहार के 16 सबस्टेशनों पर लगेंगे सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम

इसमें मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, भागलपुर, सीतामढ़ी, फतुहा, मुशारी, उदाकिशनगंज, जमुई, अस्थावां, जहानाबाद, रफीगंज, शिवहर, सिवान, किशनगंज और बांका के जीएसएस सबस्टेशन शामिल हैं।

syed jaffer imam Reported By Syed Jaffer Imam |
Published On :
solar battery energy storage systems will be installed at 16 substations of bihar including kishanganj

बिहार स्टेट पॉवर जेनरेशन कम्पनी लिमिटेड (BSPGCL) ने राज्य के 16 जीएसएस सबस्टेशनों पर सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाने के लिए टेंडर जारी किया है। परियोजना के तहत 125 मेगावाट/500 मेगावाट-घंटा (MWh) क्षमता की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम स्थापित की जाएगी। ये बैटरियाँ बिजली को स्टोर करके जरूरत के समय इस्तेमाल करने में मदद करेंगी।


इस परियोजना की कुल लागत को कम करने के लिए टेंडर में सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता (VGF) भी दी जाएगी। निविदा आमंत्रण पात्र में यह वित्तीय सहायता 27 लाख/मेगावाट-घंटा बताई गई है।

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बोलीदाताओं को ₹25,000 + 18% जीएसटी निविदा दस्तावेज़ शुल्क और ₹7.5 लाख/मेगावाट की प्रारंभिक जमा राशि (EMD) जमा करनी होगी। चयनित होने पर, उन्हें ₹18.5 लाख/मेगावाट की बैंक गारंटी (PBG) भी देनी होगी। बोली जमा करने की अंतिम तिथि और अन्य विवरण बिहार ई-निविदा पोर्टल www.eproc2.bihar.gov.in पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा इच्छुक बोलीदाता www.bspgcl.co.in पर जाकर दस्तावेज़ डाउनलोड कर अपनी बोली जमा कर सकेंगे।


राज्यभर में 16 स्थानों पर भंडारण सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इसमें मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, भागलपुर, सीतामढ़ी, फतुहा, मुशारी, उदाकिशनगंज, जमुई, अस्थावां, जहानाबाद, रफीगंज, शिवहर, सिवान, किशनगंज और बांका के जीएसएस सबस्टेशन शामिल हैं। परियोजना की कुल प्रस्तावित क्षमता 125MW/500MWh होगी, जिसमें मुजफ्फरपुर को सबसे अधिक 20MW/80MWh क्षमता दी गई है। किशनगंज, बांका, सिवान, रफीगंज, जहानाबाद और फतुहा के सबस्टेशनों पर सबसे कम 5MW/20MWh क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम लगाए जाएंगे।

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सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

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