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बिहार चुनाव में विपक्ष का महाहाहा…गठबंधन!

बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्ष के सात दलों के महागठबंधन में सीटों का बंटवारा आख़िरी दिन तक तय नहीं हो सका, नतीजा ये हुआ कि अब 12 सीटों पर गठबंधन की पार्टियाँ आपस में ही लड़ रही हैं, और तीन सीटों पर कोई आधिकारिक उम्मीदवार नहीं है।

Tanzil Asif is founder and CEO of Main Media Reported By Tanzil Asif |
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situation of opposition grand alliance in bihar

बिहार विधानसभा चुनाव में हर बार सबसे ज़्यादा मेहनत गठबंधन बनाने में होती है। सत्ताधारी NDA ने इस चुनाव में पाँच पार्टियों को मिलाकर एक गठबंधन बनाया है। इसमें JDU और BJP बराबर 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। वहीं चिराग पासवान की LJP (रामविलास) 29, जीतन राम मांझी की HAM (सेक्युलर) 6 और उपेंद्र कुशवाहा की RLM भी 6 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।


243 सीटों में NDA प्रत्याशी की एक सीट सारण के मढ़ौरा पर नामांकन रद्द हुआ है। यहाँ LJP (रामविलास) की उम्मीदवार सीमा सिंह के नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी ने निर्दलीय अंकित कुमार को अपना समर्थन दिया है। यानी अब नामांकन प्रक्रिया के बाद LJP (रामविलास) के उम्मीदवार आधिकारिक तौर पर 29 नहीं, 28 सीटों पर है।

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दूसरी तरफ विपक्ष का महागठबंधन मज़ाक बनकर रह गया है। इसलिए इसे महागठबंधन की जगह “महाहाहा…गठबंधन” कहना भी ग़लत नहीं होगा। महागठबंधन में कुल सात पार्टियाँ — RJD, Congress, भाकपा माले, मुकेश साहनी की पार्टी VIP, CPI, CPM और I.P. Gupta की पार्टी IIP शामिल हैं।


वैसे तो कहने को RJD 143, Congress 61, भाकपा माले 20, VIP 15, CPI 6, CPM 4 और IIP 3 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन इस गठबंधन में नामांकन के आख़िरी दिन तक सलीके से सीटों का बँटवारा नहीं हो पाया। जिसका नतीजा ये हुआ कि अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधिकारिक तौर पर RJD 143, Congress 61, भाकपा माले 20, VIP 12, CPI 9, CPM 4 और IIP 3 सीटों पर मैदान में है। वहीं नामांकन में गड़बड़ी की वजह से तीन सीटों पर महागठबंधन का कोई आधिकारिक उम्मीदवार नहीं है। इसलिए महागठबंधन की सीटें कुल जोड़ कर 240 होनी चाहिए, लेकिन 252 हैं, क्योंकि 12 सीटों पर गठबंधन में शामिल पार्टियाँ एक-दूसरे के ख़िलाफ़ ही चुनाव लड़ रही हैं।

दोस्ताना लड़ाई!

लेफ्ट की दो पार्टी भाकपा माले और सीपीएम को छोड़ कर इस दोस्ताना लड़ाई में गठबंधन की बाकी पांच पार्टियां शामिल हैं। 12 में से सबसे ज़्यादा 10 सीटें अकेले Congress की हैं और पाँच सीटें तो ऐसी हैं जिसमें RJD-Congress सीधे आमने-सामने हैं। पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से RJD के दीपक यादव और Congress के शाश्वत केदार मैदान में हैं। वैशाली में RJD के अजय कुशवाहा और Congress के संजीव सिंह भिड़ रहे हैं। भागलपुर के कहलगांव से Congress के प्रवीण सिंह और RJD के रजनीश भारती, वहीं सुल्तानगंज में RJD के चंदन सिन्हा और Congress के ललन कुमार टकरा रहे हैं। जमुई के सिकंदरा में RJD के उदय नारायण चौधरी और Congress के विनोद कुमार चौधरी आमने-सामने हैं।

इसी तरह दरभंगा के गौरा बौराम में VIP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुकेश साहनी के भाई संतोष साहनी के ख़िलाफ़ RJD के अफ़ज़ल अली खान मैदान में हैं। ऐसे ही कैमूर के चैनपुर में RJD और VIP, खगड़िया के बेलदौर में Congress और IIP आमने-सामने हैं।

बेगूसराय के बछवाड़ा से CPI के सीनियर लीडर और पूर्व विधायक अवधेश राय चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन इस बार Congress ने यहाँ शिव प्रकाश गरीबदास को मैदान में उतार दिया है। इसलिए CPI ने वैशाली के राजा पाकर, नालंदा के बिहारशरीफ और रोहतास के करगहर से Congress के ख़िलाफ़ उम्मीदवार उतार दिए हैं। हो सकता है वोटिंग से ठीक पहले इनमें से कुछ सीटों पर बात बने, लेकिन फिलहाल ज़्यादातर ऐसी सीटों पर दोनों ही उम्मीदवार जमकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। ऐसे में आख़िर में अगर बात बनती भी है तो दोनों उम्मीदवार के चुनाव निशान EVM पर रहेंगे, इसलिए महागठबंधन के वोटों का बिखराव इन सीटों पर तय है। 2020 में बछवाड़ा जैसी सीट पर CPI सिर्फ़ 484 वोटों से हारी थी और तब निर्दलीय चुनाव लड़ रहे शिव प्रकाश गरीबदास करीब 40,000 वोट लाकर तीसरे स्थान पर थे।

तीन सीट पर आधिकारिक प्रत्याशी नहीं

इतना ही नहीं, तीन सीटें ऐसी भी हैं जहाँ पर गठबंधन में शामिल पार्टियों का कोई आधिकारिक उम्मीदवार ही नहीं है, यानी चुनाव के बाद उम्मीदवार जिधर चाहे जा सकता है, पार्टी संवैधानिक तरीके से उसे रोक नहीं सकती। मसलन पूर्वी चंपारण की सुगौली विधानसभा में RJD के सीटिंग विधायक शशि भूषण सिंह को VIP ने प्रत्याशी बनाया, लेकिन उनका नामांकन रद्द हो गया। ऐसे में VIP ने तेज प्रताप यादव की पार्टी के प्रत्याशी श्याम किशोर चौधरी को आधिकारिक समर्थन दे दिया है। हालांकि, वहाँ से BSP के उम्मीदवार ज़ुल्फ़िकार आफ़ताब भी कुछ दिन पहले तक महागठबंधन से समर्थन मिलने का दावा कर रहे थे। वैसे ही कैमूर की मोहनिया सीट पर RJD प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो गया तो पार्टी ने निर्दलीय रवि शंकर पासवान को समर्थन दिया है। दरभंगा के कुशेश्वरस्थान में VIP के प्रत्याशी गणेश भारती का नामांकन निर्दलीय के तौर पर स्वीकार हुआ है। कुल मिलाकर महागठबंधन 243 में से तीन सीटें नामांकन के चक्कर में गँवा चुका है और 12 सीटों पर आपसी लड़ाई में जीत किसी चमत्कार से कम नहीं होगी। यानी इनके पास अब सलीके से चुनाव लड़ने को सिर्फ़ 228 सीटें हैं।

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तंजील आसिफ एक मल्टीमीडिया पत्रकार-सह-उद्यमी हैं। वह 'मैं मीडिया' के संस्थापक और सीईओ हैं। समय-समय पर अन्य प्रकाशनों के लिए भी सीमांचल से ख़बरें लिखते रहे हैं। उनकी ख़बरें The Wire, The Quint, Outlook Magazine, Two Circles, the Milli Gazette आदि में छप चुकी हैं। तंज़ील एक Josh Talks स्पीकर, एक इंजीनियर और एक पार्ट टाइम कवि भी हैं। उन्होंने दिल्ली के भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से मीडिया की पढ़ाई और जामिआ मिलिया इस्लामिआ से B.Tech की पढ़ाई की है।

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