नेपाल की तराई इलाकों में हो रहे लगातार बारिश से अररिया जिले की सिकटी प्रखंड में बाढ़ तांडव करने लगा है। नुना नदी एक बार फिर से अपने रौद्र रूप लेकर कई पंचायतों को अपने गिरफ्त में ले लिया है। पंचायत में लोग जान हथेली पर लेकर उचे स्थान पर जाने को मजबूर हैं।

अररिया के सिकटी प्रखंड के परड़ीया पंचायत के गाँवों में बाँध कटने से तीसरी बार बाढ़ का पानी घुस चुका है। सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र की सभी नदियों का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है, जिसके कारण परड़ीया के गाँवों में नदियों का पानी फैल चुका है।

ग्रामीणों के अनुसार तराई क्षेत्र में लगातार बरसा होने से नुना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ग्रामीणों के घर जलमग्न हो चुके हैं, जिससे अन्य परेशानियों के साथ-साथ आवागमन में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कई जगह बाँध कट जाने से लोगों को घरों में रहना बाधित हो गया है। किसानों की स्थिति तो और भी दयनीय है। ग्रामीण कुछ दिन पूर्व ही बाँध की मरम्मत के लिए लिखित में जिला प्रशासन को आवेदन दे चुके हैं।

प्रशासन के द्वारा किसी तरह के मदद अभी तक नहीं मिला है, न तो ग्रामीणों की कोई शुद्धि लेने पहुंचे हैं। लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं। बाढ़ के कारण ग्रामीण पलायन कर परड़िया स्कूल में शरण ले रहे हैं। वहां भी उन लोगोंको सरकारी सुविधा नहीं मिली है।