बिहार में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में हवाईअड्डों के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ती दिख रही है। सहरसा एयरपोर्ट के विकास और अपग्रेडेशन की प्रक्रिया अब अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रही है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने सहरसा के मौजूदा एयरपोर्ट को Code-2B प्रकार के विमानों के अनुकूल विकसित करने के लिए 42.52 करोड़ रुपये का नया टेंडर जारी किया है। टेंडर में रनवे से लेकर टैक्सीवे, एप्रन, परिधि सड़क और आपातकालीन पहुंच मार्ग समेत कई महत्वपूर्ण सिविल कार्य शामिल हैं।
वहीं, दूसरी ओर, टर्मिनल भवन, ATC टावर और फायर स्टेशन निर्माण से जुड़े पहले के 35.14 करोड़ रुपये के टेंडर में वित्तीय बोली की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह नया टेंडर 8 सितंबर 2026 को प्रकाशित हुआ है और इसमें ऑनलाइन बोली जमा करने की अंतिम तारीख 7 अक्टूबर 2026 शाम 6 बजे निर्धारित की गई है। तकनीकी बोली 14 अक्टूबर 2026 की सुबह 11 बजे खोली जाएगी।
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42.52 करोड़ रुपये से होंगे एयरपोर्ट के अहम सिविल कार्य
AAI के नए टेंडर का अनुमानित मूल्य 42.52 करोड़ रुपये है। इसके तहत सहरसा एयरपोर्ट के रनवे और एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम किए जाने हैं। जैसे- रनवे का निर्माण, टैक्सीवे का निर्माण, एप्रन का निर्माण आदि।
सरकारी ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर दर्ज जानकारी के अनुसार, यह आइटम रेट आधार पर जारी ओपन टेंडर है। परियोजना के लिए कार्य पूरा करने की अवधि 450 दिन यानी लगभग 15 महीने निर्धारित की गई है। नए टेंडर के लिए बोली जमा करने की प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 की सुबह 9.30 बजे शुरू हुई है। इच्छुक पात्र एजेंसियां 7 अक्टूबर 2026 शाम 6 बजे तक अपनी बोली जमा कर सकती हैं।
पहले भी 35.14 करोड़ का निकला था टेंडर
सहरसा एयरपोर्ट के विकास के लिए AAI की ओर से इससे पहले भी एक महत्वपूर्ण टेंडर जारी किया जा चुका है। AAI/CHQ/EDENGG-ER/SAHARSA/2026 रेफरेंस नंबर के तहत अप्रैल 2026 में जारी उस टेंडर की अनुमानित लागत 35.14 करोड़ रुपये थी। यह टेंडर एयरपोर्ट के टर्मिनल और अन्य जरूरी भवनों के निर्माण से जुड़ा था, इस टेंडर की बोली 16 जून 2026 को खोली गई थी। इसकी निविदा जून में ही ख़त्म हो चुकी है। इसमें चार कंपनियों की वित्तीय बोलियां स्वीकार की गईं, जिनमें 24.95 करोड़ की बोली के साथ Adyaraj Developers Private Limited, L1 रही।
सहरसा एयरपोर्ट के लिए जारी दोनों टेंडरों को एक साथ देखने पर परियोजना के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीर सामने आती है। एक तरफ भवन, दूसरी तरफ रनवे-टैक्सीवे का काम। 35.14 करोड़ रुपये वाले पुराने टेंडर में मुख्य रूप से एयरपोर्ट के संचालन के लिए जरूरी भवनों का निर्माण शामिल है। इसमें टर्मिनल बिल्डिंग, ATC टावर और फायर स्टेशन प्रमुख हैं। वहीं 42.52 करोड़ रुपये के नए टेंडर में रनवे, टैक्सीवे, एप्रन, RESA, रनवे बेसिक स्ट्रिप, परिधि सड़क और आपातकालीन पहुंच मार्ग जैसे एयरसाइड और सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। यानी एक टेंडर एयरपोर्ट के भवन एवं संचालन संबंधी ढांचे पर केंद्रित है, जबकि दूसरा, रनवे और एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने से जुड़ा है।
दोनों टेंडरों की अनुमानित लागत को जोड़ें तो सहरसा एयरपोर्ट के इन दो प्रमुख विकास कार्यों की कुल अनुमानित राशि लगभग 77.66 करोड़ रुपये बैठती है। हालांकि, यह अनुमानित लागत है। वास्तविक खर्च संबंधित टेंडर प्रक्रिया, स्वीकृत बोली और अंतिम अनुबंध के अनुसार निर्धारित होगा।
12 एकड़ जमीन के लिए लगभग ₹148 करोड़ खर्च करेगी राज्य सरकार
सहरसा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण भी एक अहम पहलू है। प्रस्तावित रनवे विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत है। इसके लिए बिहार सरकार 12.08891 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए करीब ₹147.76 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। यह राशि भूमि अधिग्रहण और संबंधित मुआवजे पर खर्च की जा रही है। यहां यह भी बता दें कि अक्टूबर 2025 में ही तत्कालीन मुख्यमंत्री नितीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में सहरसा हवाईअड्डे के भूमि अधिग्रहण के लिए राशि की स्वीकृति दी गयी थी।
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