Main Media

Get Latest Hindi News (हिंदी न्यूज़), Hindi Samachar

Support Us

सहरसा एयरपोर्ट का होगा कायाकल्प, रनवे-टैक्सीवे के लिए 42.52 करोड़ का टेंडर जारी

AAI के नए टेंडर का अनुमानित मूल्य 42.52 करोड़ रुपये है। इसके तहत सहरसा एयरपोर्ट के रनवे और एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम किए जाने हैं। जैसे- रनवे का निर्माण, टैक्सीवे का निर्माण, एप्रन का निर्माण आदि।

Aaquil Jawed Reported By Aaquil Jawed |
Published On :
Saharsa Airport set for a makeover; 42.52 crore tender issued for runway and taxiway

बिहार में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में हवाईअड्डों के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ती दिख रही है। सहरसा एयरपोर्ट के विकास और अपग्रेडेशन की प्रक्रिया अब अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रही है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने सहरसा के मौजूदा एयरपोर्ट को Code-2B प्रकार के विमानों के अनुकूल विकसित करने के लिए 42.52 करोड़ रुपये का नया टेंडर जारी किया है। टेंडर में रनवे से लेकर टैक्सीवे, एप्रन, परिधि सड़क और आपातकालीन पहुंच मार्ग समेत कई महत्वपूर्ण सिविल कार्य शामिल हैं।


वहीं, दूसरी ओर, टर्मिनल भवन, ATC टावर और फायर स्टेशन निर्माण से जुड़े पहले के 35.14 करोड़ रुपये के टेंडर में वित्तीय बोली की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह नया टेंडर 8 सितंबर 2026 को प्रकाशित हुआ है और इसमें ऑनलाइन बोली जमा करने की अंतिम तारीख 7 अक्टूबर 2026 शाम 6 बजे निर्धारित की गई है। तकनीकी बोली 14 अक्टूबर 2026 की सुबह 11 बजे खोली जाएगी।

Also Read Story

अररिया: वज्रपात में 3 लोगों की मौत, परिजन बोले- ‘गांव में पुल होता तो बच जाती जान’

बिहार के इन चार शहरों में लगेंगे बायोगैस प्लांट, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और कुशल युवा कार्यक्रम का विस्तार

सीमांचल की रेल कनेक्टिविटी को नया विस्तार, किशनगंज–जलालगढ़ रेल लाइन को मिला ‘विशेष रेल परियोजना’ का दर्जा

बिहार में बनेगा स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और 19 विशेष एससी-एसटी कोर्ट, कैबिनेट की मंज़ूरी

मिथिलांचल में फिर बजेंगे चीनी मिलों के सायरन, रैयाम और सकरी में बनेंगी नई सहकारी चीनी मिलें

अमृत 2.0 योजना के तहत किशनगंज जलापूर्ति परियोजना को मिली मंजूरी, ₹53.71 करोड़ होंगे खर्च

पूर्णिया एयरपोर्ट पर बनेगा नया सिविल एन्क्लेव, ₹294 करोड़ का टेंडर जारी

पुर्णिया के रुपौली डिग्री कॉलेज को लेकर दो इलाकों की दावेदारी पर फंसा पेंच

बरौनी जंक्शन के पुनर्विकास के लिए 74.38 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी

42.52 करोड़ रुपये से होंगे एयरपोर्ट के अहम सिविल कार्य

AAI के नए टेंडर का अनुमानित मूल्य 42.52 करोड़ रुपये है। इसके तहत सहरसा एयरपोर्ट के रनवे और एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम किए जाने हैं। जैसे- रनवे का निर्माण, टैक्सीवे का निर्माण, एप्रन का निर्माण आदि।


सरकारी ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर दर्ज जानकारी के अनुसार, यह आइटम रेट आधार पर जारी ओपन टेंडर है। परियोजना के लिए कार्य पूरा करने की अवधि 450 दिन यानी लगभग 15 महीने निर्धारित की गई है। नए टेंडर के लिए बोली जमा करने की प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 की सुबह 9.30 बजे शुरू हुई है। इच्छुक पात्र एजेंसियां 7 अक्टूबर 2026 शाम 6 बजे तक अपनी बोली जमा कर सकती हैं।

पहले भी 35.14 करोड़ का निकला था टेंडर

सहरसा एयरपोर्ट के विकास के लिए AAI की ओर से इससे पहले भी एक महत्वपूर्ण टेंडर जारी किया जा चुका है। AAI/CHQ/EDENGG-ER/SAHARSA/2026 रेफरेंस नंबर के तहत अप्रैल 2026 में जारी उस टेंडर की अनुमानित लागत 35.14 करोड़ रुपये थी। यह टेंडर एयरपोर्ट के टर्मिनल और अन्य जरूरी भवनों के निर्माण से जुड़ा था, इस टेंडर की बोली 16 जून 2026 को खोली गई थी। इसकी निविदा जून में ही ख़त्म हो चुकी है। इसमें चार कंपनियों की वित्तीय बोलियां स्वीकार की गईं, जिनमें 24.95 करोड़ की बोली के साथ Adyaraj Developers Private Limited, L1 रही।

सहरसा एयरपोर्ट के लिए जारी दोनों टेंडरों को एक साथ देखने पर परियोजना के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीर सामने आती है। एक तरफ भवन, दूसरी तरफ रनवे-टैक्सीवे का काम। 35.14 करोड़ रुपये वाले पुराने टेंडर में मुख्य रूप से एयरपोर्ट के संचालन के लिए जरूरी भवनों का निर्माण शामिल है। इसमें टर्मिनल बिल्डिंग, ATC टावर और फायर स्टेशन प्रमुख हैं। वहीं 42.52 करोड़ रुपये के नए टेंडर में रनवे, टैक्सीवे, एप्रन, RESA, रनवे बेसिक स्ट्रिप, परिधि सड़क और आपातकालीन पहुंच मार्ग जैसे एयरसाइड और सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। यानी एक टेंडर एयरपोर्ट के भवन एवं संचालन संबंधी ढांचे पर केंद्रित है, जबकि दूसरा, रनवे और एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने से जुड़ा है।

दोनों टेंडरों की अनुमानित लागत को जोड़ें तो सहरसा एयरपोर्ट के इन दो प्रमुख विकास कार्यों की कुल अनुमानित राशि लगभग 77.66 करोड़ रुपये बैठती है। हालांकि, यह अनुमानित लागत है। वास्तविक खर्च संबंधित टेंडर प्रक्रिया, स्वीकृत बोली और अंतिम अनुबंध के अनुसार निर्धारित होगा।

12 एकड़ जमीन के लिए लगभग ₹148 करोड़ खर्च करेगी राज्य सरकार

सहरसा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण भी एक अहम पहलू है। प्रस्तावित रनवे विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत है। इसके लिए बिहार सरकार 12.08891 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए करीब ₹147.76 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। यह राशि भूमि अधिग्रहण और संबंधित मुआवजे पर खर्च की जा रही है। यहां यह भी बता दें कि अक्टूबर 2025 में ही तत्कालीन मुख्यमंत्री नितीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में सहरसा हवाईअड्डे के भूमि अधिग्रहण के लिए राशि की स्वीकृति दी गयी थी।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

Aaquil Jawed is the founder of The Loudspeaker Group, known for organising Open Mic events and news related activities in Seemanchal area, primarily in Katihar district of Bihar. He writes on issues in and around his village.

Related News

बिहार में ₹499 करोड़ की मंसी–सहरसा रेल दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी, बढ़ेगी रेल क्षमता

बिहार चुनाव के बीच सीमांचल में धंस गया महज़ छह साल पुराना पुल

बिहार कैबिनेट बैठक: सहरसा एयरपोर्ट, स्टूडेंट क्रेडिट, शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज़ पर लिए गए बड़े फैसले

15 सितंबर को पीएम मोदी करेंगे पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन, जोगबनी-दानापुर वंदे भारत को दिखाएंगे हरी झंडी

कटिहार और किशनगंज में नये मेडिकल कॉलेज को मिली कैबिनेट से मंजूरी

भागलपुर, मुजफ्फरपुर समेत 6 हवाई अड्डों का होगा सर्वे, गया जी एयरपोर्ट बनेगा ‘ऑल वेदर एयरपोर्ट’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

अररिया: वज्रपात में 3 लोगों की मौत, परिजन बोले- ‘गांव में पुल होता तो बच जाती जान’

‘हमको मार दीजिए, ज़मीन ले लीजिए’ – किशनगंज एयरपोर्ट भूमि अधिग्रहण का विरोध

Ground Report: नौकरी के लिए दुबई गए सीमांचल के 7 युवक कैसे फंसे?

बहादुरगंज NEET प्रदर्शन के बाद हुए FIR में रूस में मौजूद युवक और परीक्षा दे रहे छात्र नामजद

VB-G RAM G: लागू होने से पहले ही क्या नया कानून मनरेगा मज़दूरों का हक़ छीन रहा?