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बरौनी जंक्शन के पुनर्विकास के लिए 74.38 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी

पूर्व मध्य रेलवे ने जारी किया लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस, रांची की कंपनी को मिला काम; दो साल में पूरा करना होगा प्रोजेक्ट

Aaquil Jawed Reported By Aaquil Jawed |
Published On :
rs 74.38 crore project approved for redevelopment of barauni junction

बिहार के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल बरौनी जंक्शन के पुनर्विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के लिए रांची स्थित सरयू गौतम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को स्वीकृति पत्र जारी कर दिया है। परियोजना की कुल लागत 74 करोड़ 38 लाख 58 हजार 70 रुपये निर्धारित की गई है।


पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) कार्यालय, महेंद्रूघाट, पटना की ओर से 19 जून 2026 को जारी स्वीकृति पत्र में बताया गया है कि कंपनी की बोली को सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। इसके साथ ही बरौनी जंक्शन के आधुनिकीकरण और पुनर्विकास का रास्ता साफ हो गया है।

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92.21 करोड़ के अनुमान के मुकाबले 74.38 करोड़ में मिला ठेका


रेलवे दस्तावेजों के अनुसार बरौनी जंक्शन पुनर्विकास परियोजना की अनुमानित लागत 92.21 करोड़ रुपये रखी गई थी। टेंडर प्रक्रिया में सरयू गौतम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने अनुमानित लागत से 19.33 प्रतिशत कम बोली लगाई। इसके बाद रेलवे ने 74 करोड़ 38 लाख 58 हजार 70 रुपये की बोली को स्वीकार करते हुए कंपनी को कार्य आवंटित कर दिया।

730 दिनों में पूरा करना होगा काम

पूर्व मध्य रेलवे ने कंपनी को निर्देश दिया है कि परियोजना का पूरा कार्य 730 दिनों (करीब दो वर्ष) के भीतर पूरा किया जाए। यह अवधि परियोजना की निर्धारित “अपॉइंटेड डेट” से गिनी जाएगी।
रेलवे के अनुसार, यह कार्य EPC (Engineering, Procurement and Construction) मॉडल पर कराया जाएगा। इसके तहत डिजाइन, निर्माण और परियोजना के अन्य तकनीकी पहलुओं की जिम्मेदारी ठेकेदार कंपनी की होगी। रेलवे ने कंपनी को अनुबंध मूल्य के 5 प्रतिशत के बराबर 3 करोड़ 71 लाख 92 हज़ार 903.5 रुपये की परफॉर्मेंस गारंटी जमा करने का निर्देश दिया है। यह राशि स्वीकृति पत्र जारी होने के 30 दिनों के भीतर जमा करनी होगी।

इसके अलावा कंपनी द्वारा पहले जमा की गई 46.10 लाख रुपये की अर्नेस्ट मनी को प्रारंभिक सुरक्षा राशि के रूप में रखा गया है। शेष सुरक्षा राशि का समायोजन कार्य प्रगति के दौरान बिलों से किया जाएगा। परियोजना के निष्पादन और तकनीकी निगरानी के लिए रेलवे ने समस्तीपुर मुख्यालय के उप मुख्य अभियंता (निर्माण)-II को अथॉरिटी इंजीनियर नामित किया है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता की निगरानी उनके स्तर से की जाएगी।

बिहार के सबसे महत्वपूर्ण जंक्शन

बरौनी जंक्शन पूर्व मध्य रेलवे का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, जहां से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत की ओर जाने वाली कई प्रमुख रेलगाड़ियां गुजरती हैं। यह स्टेशन उत्तर बिहार और मिथिलांचल क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क केंद्र है।

रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यक्रम के तहत बरौनी जंक्शन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है। परियोजना के तहत स्टेशन परिसर, यात्री सुविधाओं, प्रवेश-निकास व्यवस्था, प्रतीक्षालय, पार्किंग, सर्कुलेटिंग एरिया, दिव्यांगजन सुविधाओं, डिजिटल सूचना प्रणाली और अन्य बुनियादी ढांचे को उन्नत किए जाने की संभावना है। हालांकि रेलवे ने अभी विस्तृत डिजाइन सार्वजनिक नहीं किया है।

बरौनी जंक्शन का पुनर्विकास बिहार में रेलवे अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्टेशन के आधुनिकीकरण से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों और रेल यातायात प्रबंधन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

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Aaquil Jawed is the founder of The Loudspeaker Group, known for organising Open Mic events and news related activities in Seemanchal area, primarily in Katihar district of Bihar. He writes on issues in and around his village.

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