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निर्माण के दो वर्षों में ही जर्जर हुई सड़क और पुलिया हादसों को दे रही दावत

करीब 4 किलोमीटर लंबी यह सड़क सदापुर गल्लाकट्टा चौक से शेखपुरा गांव तक जाती है। 10 से अधिक गांवों के लोग इस सड़क का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत यह सड़क 2018 में ही बनकर तैयार होनी थी लेकिन इसे 2021 में बनाया गया।

Aaquil Jawed Reported By Aaquil Jawed |
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कटिहार जिले के कदवा प्रखंड अंतर्गत भौनगर पंचायत की यह जर्जर पुलिया और सड़क महज़ 2 वर्ष पुरानी है। करीब 4 किलोमीटर लंबी यह सड़क सदापुर गल्लाकट्टा चौक से शेखपुरा गांव तक जाती है। 10 से अधिक गांवों के लोग इस सड़क का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत यह सड़क 2018 में ही बनकर तैयार होनी थी लेकिन इसे 2021 में बनाया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क बनने से पहले उन्होंने धरना प्रदर्शन किया, तब जाकर सड़क निर्माण कार्य पूरा हुआ। 2 साल बाद सड़क पर जगह-जगह गड्ढे पड़ चुके हैं। रास्ते में पत्थरों के टुकड़े बिखरे पड़े हैं जिससे बाइक सवारों के फिसलने का खतरा बना रहता है।

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जर्जर सड़क के अलावा सदापुर सामुदायिक भवन के समीप एक छोटी पुलिया की भी हालत बेहद खस्ता है। बरसात के पानी में पुलिया के एप्रोच की मिट्टी बहने से वहाँ मौजूद गड्ढा हादसों को दावत दे रहा है। पुलिया के ऊपर साइड वाल भी जगह जगह टूट चुकी है।


आलापोखर गांव के रहने वाले अहमद हुसैन हर दिन इस सड़क का उपयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि इस जर्जर हो चुकी सड़क को निर्धारित समय से तीन साल की देरी से बनाया गया। साल 2018 के बजाय 2021 में सड़क तैयार हुई बनकर तैयार हुई। उन्होंने सरकार से सड़क की गुणवत्ता की जांच कर जल्द मरम्मत का काम शुरू करने की मांग की।

सदापुर गांव के रहने वाले अजय कुमार बताते हैं कि यह सड़क लगभग 10 गांवों को जोड़ती है, लेकिन निर्माण के 2 वर्षों के भीतर ही खराब हो चुकी है और अब इसमें जगह-जगह से गिट्टी निकल रही है। सड़क पर बनी जर्जर हो चुकी पुलिया को उन्होंने राहगीरों के लिए खतरा बताया और जल्द उसकी मरम्मत की मांग की।

सदापुर गांव निवासी राजेश कुमार कहते हैं कि यहाँ हर वर्ष बाढ़ के समय पानी आ जाता है। पुलिया इतनी जर्जर हो चुकी है कि भारी वाहन चलने पर यह हिलने लगती है। पिछली बार बाढ़ के समय ग्रामीणों ने अपने सिर पर मिट्टी ढोकर इस पुल को किसी तरह बचाया था। उन्होंने आगे कहा कि अगर जल्द पुलिया की मरम्मत नहीं की गई तो यह आने वाले समय में कई हादसों का कारण बन सकती है।

आलापोखर गांव निवासी मंज़ूर आलम एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण के 6 महीने के बाद से ही सड़क की परतें उखड़ने लगी थीं। निर्माण के समय काम करवा रहे मुंशी ने कहा था कि इसके ऊपर एक लेयर और अलकतरा डाला जाएगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मंज़ूर ने आगे कहा कि सड़क की खस्ता हालत के कारण गाड़ी फिसलने से उनकी दुकान के सामने ही 4-5 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

इस मामले में हमने सड़क निर्माण विभाग, बारसोई प्रमंडल के एसडीओ से बात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सड़क का निरीक्षण कर जो जरूरी कार्य होगा वो किया जाएगा।

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Aaquil Jawed is the founder of The Loudspeaker Group, known for organising Open Mic events and news related activities in Seemanchal area, primarily in Katihar district of Bihar. He writes on issues in and around his village.

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