चुनावी मौसम है, ऐसे में कई नेता टिकट की जुगाड़ में लगे हैं। सीटिंग विधायकों तो पहले से कन्फर्म थे कि उनको तो टिकट मिलेगा ही। लेकिन उनके इस आत्मविश्वास को बड़ा झटका लगा है। ऐसे में इन विधायकों की ओर से अब अलग अलग तरह के बयान आ रहे हैं। कोई अपनी पार्टी से बागी हो रहा है तो कोई आजीवन फलहार करने की बात कर रहा है। वहीं अब एक राजद नेता का बयान आया है कि वो अगले पांच साल के लिए राजनीतिक वनवास की जिंदगी बिताएंगे।

जी हां हम बात कर रहे हैं राजद के हरसिद्धि से विधायक रहे राजेंद्र राम की, जिन्हें पूरा यकीन था कि उनका टिकट पक्का है लेकिन उन्हें धक्का तब लगा जब उनका टिकट कट गया। उन्होंने राजद की ओर से टिकट काटने के लिए पार्टी के बड़े नेताओं पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आनेवाले पांच सालों तक मैं राजनीतिक वनवास में रहूंगा। उन्होंने कहा कि अभी में अपने कमरें मैं बंद रहुंगा जब तक पार्टी सुप्रीमों की ओर से कोई फोन नहीं आता है। राजेन्द्र ने अपने टिकट कटने को लेकर कहा कि मुझे पता नहीं था कि लालू जी के दरबार के अलावो भी कोई दरबार है।

हरसिद्धी के विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि मोतिहारी के कुछ नेता हैं जिन्हें मेरी बढ़ती हुई कद से दिक्क्त है। उनके इशारे पर ही मेरा टिकट कटा है। आपको बतादे कि पूर्वी चंपारण जिले में पिछली दफा राजद के चार विधायकों ने जीत हासिल किया था। जिसमे राजेश कुमार के साथ राजेंद्र राम भी थे और इस बार पार्टी ने दोनों विधायक का टिकट काट दिया है। टिकट कटने के बाद राजेंद्र राम ने घोषणा की है कि वे पार्टी के लिए वफादार है और रहेंगे साथ ही चुनाव भी इस बार नहीं लड़ेंगे, लेकिन इस बीच वे अब 5 वर्ष तक राजनीतिक रूप से वनवास काटेंगे।