चुनावी साल आ गया है, नेता जी के पास वक्त कम है। लिहाजा अब उन मुद्दों को उठाने लगे हैं, जो दशकों से चुनाव में चुनावी मुद्दा बनता रहा है। ऐसा ही एक मुद्दा पूर्णिया का बनमनखी चीनी मिल का है।

पूर्णिया के बनमनखी चीनी मिल को बंद हुए वर्षों बीत गए और उसमें काम करने वाले कई कर्मी अब नहीं रहे। लेकिन, खंडहरनुमा चीनी मिल हर चुनाव में बड़ा मुद्दा बन जाती है।

अब सूबे के दो मंत्रियों ने एक टीम के साथ चीनी मिल का दौड़ा किया है। लेकिन, उनके हिसाब से ये चुनावी मुद्दा नहीं है।

बिहार की गन्ना विकास मंत्री बीमा भारती कहती हैं,

ये चुनाव का मुद्दा नहीं है। ये हमलोगों का सपना है। मिल चल जाने के बाद हज़ारों मज़दूरों का बाहर पलायन रुक जाएगा और बिहार में रोज़गार मिलेगा।

बीमा भारती, गन्ना विकास मंत्री

मिल चलाने का काम अब मुंबई की रहेजा एंड प्रसाद कंपनी को मिला है।

मंत्री बीमा भारती ने जानकारी दी,

चीनी मिल बहुत दिनों से बंद पड़ी है। पटना की बैठक में तय हुआ था की काम रहेजा एंड प्रसाद कंपनी को दिया जाए। विजिट के बाद एस्टीमेट बनेगा।

बीमा भारती, गन्ना विकास मंत्री

वहीं, पर्यटन मंत्री सह स्थानीय विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने कहा,

कंपनी वाले इसे देख कर संतुष्ट हैं। देख कर लगता है बहुत जल्द सीमांचल के लोगों को लाभ मिलेगा। मुंबई की कंपनी रहेजा एंड प्रसाद यहां चीनी, एथेनॉल और बिजली का उत्पादन करेगी। बिहार में एक जगह इनकी फैक्ट्री चल भी रही है।

कृष्ण कुमार ऋषि, पर्यटन मंत्री सह स्थानीय विधायक

सूबे के दोनों ही मंत्री स्थानीय विधायक भी हैं और इस बार जनता में भ्रम नहीं फैले, इसके लिए पटना की एक टीम भी साथ आयी है और जमीन अधिग्रहण करने तक इंतजार करने की बात कह रही है।

वहीं, रहेजा एंड प्रसाद कंपनी के गोपाल प्रसाद कहते हैं,

अभी हमें ज़मीन ही नहीं मिली है। मंत्रीजी ने बताया है कि कल या परसों से कैबिनेट की बैठक होनेवाली है। ज़मीन मिलने के बाद अधिकतम 12 महीने का समय चाहिए।

गोपाल प्रसाद, रहेजा एंड प्रसाद कंपनी

बहरहाल, लोकतंत्र के महापर्व से पहले नेताजी का वायदा जनता के गले नहीं उतर रहा है। लेकिन, नेता जी विश्वास दिलाने के लिए कहते फिर रहे हैं कि इस बार चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि हक़ीक़त में बंद चीनी मिल नये स्वररूप में खुलेगी।