ग्रामीण क्षेत्रों के CEB Layout Map, EB मैपिंग और ब्लॉकवार गणना के लिए राशि स्वीकृत; 2026 में नए सिरे से होगा पंचायत क्षेत्रों का परिसीमन
बिहार में पंचायत परिसीमन-2026 की प्रक्रिया को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पंचायतों के नए सिरे से परिसीमन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में CEB Layout Map की 50 प्रतियां, EB मैप तथा ब्लॉकवार गणना समेत इससे जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग ने 3 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस संबंध में पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव नजर हुसैन की ओर से प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), बिहार को पत्र भेजकर स्वीकृत राशि से संबंधित जानकारी दी गई है।
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विभागीय आदेश के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 में पंचायत परिसीमन की प्रक्रिया के लिए यह राशि खर्च की जाएगी। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के CEB Layout Map, EB मैपिंग, ब्लॉकवार गणना और परिसीमन से जुड़े अन्य कार्यों को पूरा कराया जाएगा।
चार स्तरों पर होगा पंचायत क्षेत्रों का परिसीमन
बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के तहत पंचायत परिसीमन की प्रक्रिया को अलग-अलग स्तरों पर पूरा किया जाना है। विभागीय संकल्प संख्या 10744, दिनांक 20 जुलाई 2026 के तहत ग्राम पंचायत क्षेत्र, ग्राम पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र, पंचायत समिति प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र तथा जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन का निर्देश दिया जा चुका है।
इसके साथ ही 20 जुलाई 2026 को जारी विभागीय अधिसूचनाओं के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश, निगरानी और पर्यवेक्षण के तहत संबंधित जिला दंडाधिकारी इन निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।
विभागीय पत्र में बताया गया है कि संयुक्त निर्वाचन आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार की ओर से 4 अगस्त 2026 को पत्र भेजकर पंचायत परिसीमन-2026 के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के CEB Layout Map की 50 प्रतियां, EB तथा ब्लॉकवार गणना और संबंधित कार्यों के लिए 3 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था।
इस मांग के आधार पर पंचायती राज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राशि की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
स्वीकृत 3 करोड़ रुपये की निकासी राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार के उप सचिव सह निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के माध्यम से की जाएगी। यह राशि सचिवालय कोषागार, सिंचाई भवन, पटना से बिहार कोषागार संहिता, 2011 के प्रासंगिक नियमों के अनुसार निकाली जाएगी।
उपयोगिता प्रमाण पत्र भी देना होगा
सरकार ने राशि की निकासी और खर्च के साथ उसकी उपयोगिता को लेकर भी प्रावधान किया है। विभागीय आदेश में कहा गया है कि स्वीकृत राशि की निकासी बिहार कोषागार संहिता के निर्धारित प्रपत्र BTC-42 पर की जाएगी।
साथ ही वित्त विभाग की संकल्प संख्या 9736, दिनांक 19 अक्टूबर 2011 तथा बिहार कोषागार संहिता के नियमों के तहत सहायक अनुदान की राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र BTC-42(A) में स्वीकृत्यादेश की तिथि से 18 महीने के भीतर महालेखाकार, बिहार को उपलब्ध कराना होगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत राशि की निकासी के लिए पंचायती राज विभाग द्वारा अलग से आवंटनादेश जारी किया जाएगा। इसी आवंटनादेश के आधार पर राशि की निकासी और संबंधित कार्यों पर व्यय किया जा सकेगा।
विभागीय आदेश में यह भी उल्लेख है कि वित्त विभाग के पूर्व निर्देशों के आलोक में राशि की निकासी के लिए महालेखाकार कार्यालय से अलग से प्राधिकार पत्र लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
पंचायत परिसीमन से क्या बदलेगा?
पंचायत परिसीमन की प्रक्रिया के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का निर्धारण नए सिरे से किया जाएगा। परिसीमन के दौरान संबंधित क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या और प्रशासनिक सीमाओं को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण किया जाएगा।
इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद पंचायत चुनाव के लिए ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर निर्वाचन क्षेत्रों की नई संरचना सामने आएगी। इससे विभिन्न पंचायतों और निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव की संभावना है।
सरकार की ओर से 3 करोड़ रुपये की स्वीकृति को पंचायत परिसीमन-2026 की जमीनी तैयारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। CEB Layout Map, EB मैपिंग और ब्लॉकवार गणना जैसे कार्य पूरे होने के बाद परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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