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किशनगंज शहर की सड़कों पर गड्ढों से बढ़ रही दुर्घटनाएं

करीब तीन महीने पहले ही बस स्टैंड से निकलने वाली अप्रोच रोड का निर्माण किया गया था, लेकिन फ्लाईओवर से जुड़ती हुई सड़क का एक हिस्सा अधूरा रह गया। यह अधूरा हिस्सा अब राहगीरों के लिए मुसीबत बन चुका है। हमारी रिपोर्टिंग के दौरान ही एक बुज़ुर्ग स्कूटर से गिर पड़े और उनके हाथ व कंधे में चोट लग गई।

syed jaffer imam Reported By Syed Jaffer Imam |
Published On :
potholes on kishanganj city roads are increasing the number of accidents.

बिहार के किशनगंज नगर परिषद स्थित वार्ड संख्या 24 की यह सड़क शहर में सड़क दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से सटे वीर कुंवर बस स्टैंड के पास यह सड़क गड्ढों से भरी है, जहां लगभग रोज़ाना दुर्घटनाएं हो रही हैं। बस स्टैंड को फ्लाईओवर से जोड़ने वाली यह अप्रोच रोड लंबे समय से जर्जर हालत में है।


करीब तीन महीने पहले ही बस स्टैंड से निकलने वाली अप्रोच रोड का निर्माण किया गया था, लेकिन फ्लाईओवर से जुड़ती हुई सड़क का एक हिस्सा अधूरा रह गया। यह अधूरा हिस्सा अब राहगीरों के लिए मुसीबत बन चुका है। हमारी रिपोर्टिंग के दौरान ही एक बुज़ुर्ग स्कूटर से गिर पड़े और उनके हाथ व कंधे में चोट लग गई।

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सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों की वजह से फ्लाईओवर से उतरते समय आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। सबसे ज़्यादा परेशानी ई-रिक्शा चालकों को होती है। उन्होंने बताया कि कई बार उनके रिक्शे पलट चुके हैं, जिससे सवारियों को चोट लगी। बार बार दुर्घटना होने से रिक्शे की मरम्मत में भी काफी खर्च आता है। हादसों के डर से रिक्शा चालक अक्सर सवारियों को पहले ही उतार देते हैं, जिससे यात्रियों को पानी में डूबी सड़क पैदल पार करनी पड़ती है।


इस मामले में हमने किशनगंज नगर परिषद् के मुख्य पार्षद इंद्रदेव पासवान से बात की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग से सटा यह सर्विस रोड एनएचएआई के अधिकार क्षेत्र में आता है। हाल ही में एनएचएआई से एनओसी लेकर नगर परिषद् के फंड से किशनगंज बिहार बस स्टैंड का अप्रोच रोड बनाया गया था, लेकिन फ्लाईओवर तक जाने वाली सड़क का एक हिस्सा अभी भी अधूरा है। इसके निर्माण के लिए फिर से एनएचएआई से एनओसी मांगी गई है और जैसे ही मंजूरी मिलती है, नगर परिषद् उस जर्जर सड़क का निर्माण कर देगी।

वहीं एनएचएआई पूर्णिया प्रोजेक्ट एग्ज़ीक्यूशन यूनिट के परियोजना निदेशक प्रवीण कटियार ने हमें बताया कि किशनगंज फ्लाईओवर के अप्रोच रोड के लिए उन्हें अभी तक एनओसी का कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।

किशनगंज की सड़कों में गड्ढों की समस्या सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं है। शहर के रमजान पुल के पास हाल ही में बिजली विभाग ने कुछ खंभे गाड़े थे। इन्हीं में से एक खंभे के पास थोड़ी सी बारिश होते ही एक बड़ा गड्ढा बन गया। 3 दिन पहले इसी जगह एक राहगीर गिरकर घायल भी हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खंभा आने-जाने वालों के लिए खतरा बन चुका है। व्यस्त सड़क पर होने के कारण यह किसी भी समय गिर सकता है।
इस मामले में जब हमने किशनगंज के नगरीय JEE से फ़ोन पर सवाल किए तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। समाधान को लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और कॉल काट दिया।

वहीं नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान का कहना है कि अगर स्थानीय लोग बिजली विभाग को आवेदन भेज दें, तो यह समस्या जल्दी सुलझ सकती है।

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सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

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