पिछले तीन लोकसभा चुनावों से सुशील कुमार सिंह लगातार औरंगाबाद सीट पर जीतते आ रहे हैं। 2009 में उन्होंने जदयू के टिकट पर राजद के शकील अहमद खान को हराया। 2014 में उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर कांग्रेस के निखिल कुमार को पराजित किया। 2019 में भी वह बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर जीते। इस चुनाव में उन्होंने हम (सेकुलर) के उपेंद्र प्रसाद को हराया।
कार्यक्रम में पहुंचे तारिक अनवर ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में अल्पसंख्यक आबादी आज फिक्रमंद है। एक सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि उनके बीच जो अल्पसंख्यक लोग रहते हैं उनके साथ किस तरह का बर्ताव किया जाता है।
पूर्व कटिहार सांसद तारिक अनवर ने बिहार में इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर राजद और कांग्रेस के बीच अधिकतर सीटों पर सहमति बन गई है। एक, दो ऐसी सीट है जिसपर चर्चा जारी है, जल्द उस पर भी आपसी सहमति हो जाएगी।
दार्जिलिंग के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में बीपी. बजगाईं ही वह प्रथम व्यक्ति हैं जिन्होंने सर्वप्रथम 'भूमिपुत्र' बनाम 'बाहरी' का नारा दिया। दार्जिलिंग जिला के पर्वतीय क्षेत्र कर्सियांग से भाजपा विधायक बी.पी. बजगाईं ने ही दार्जिलिंग के निवर्तमान भाजपा सांसद राजू बिष्ट को 'बाहरी' भी करार दिया।
आरएलएम के पूर्व बिहार प्रदेश अध्यक्ष का जदयू में जाने को लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे के समीकरण से जोड़ कर देखा जा रहा है। ऐसी खबरें हैं कि रमेश कुशवाहा की पत्नी विजयलक्ष्मी कुशवाहा को जदयू सिवान से सीट देने वाला है।
पासवान जाति से आने वाले कुमार सर्वजीत गया के पूर्व सांसद राजेश कुमार के बेटे हैं। 1991 में सांसद बनने से पहले वह बोधगया से विधायक भी रहे। फिलहाल कुमार सर्वजीत बोध गया से विधायक हैं। वह तीसरी बार यहाँ से विधायक चुने गए हैं। पिछली महागठबंधन सरकार में वह कृषि मंत्री बनाये गए थे।
नीतीश कुमार और लोजपा के बीच लम्बे समय से अदावत रही है और इसकी शुरुआत नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनते ही हुई थी। दरअसल, साल 2005 में मुख्यमंत्री बनते ही नीतीश कुमार ने महादलित योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत उन्होंने अनुसूचित जाति समूह में आने वाली 22 जातियों में से पासवान को छोड़कर बाकी 21 जातियों को महादलित का दर्जा दे दिया। महादलितों के विकास के लिए नीतीश कुमार ने एक महादलित आयोग का भी गठन किया।
राजस्व व भूमि सुधार मंत्री ने यह भी कहा कि उनके मंत्री पद संभालते ही देश में आचार संहिता लगने से सीमाएं बंध गई हैं। जैसे ही यह खत्म होता है, पूरा बिहार देखेगा कि आपदा को अवसर में कैसे बदला जाता है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास वित्त और वाणिज्य कर और विजय कुमार सिन्हा के पास पथ निर्माण, खान व भूतत्व और कला, संस्कृति व युवा तथा प्रेम कुमार के पास सहकारिता, पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग पहले से ही है।
सुनील कुमार वर्तमान में गोपालगंज के भोरे से विधायक हैं। उनका संबंध एक राजनीतिक और प्रशासनिक बैकग्राउंड वाले परिवार से है। वह भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी थे और राजनीति में आने से पहले वह बिहार पुलिस के डायरेक्टर जेनरल रह चुके हैं।
MGM मेडिकल कॉलेज, किशनगंज के डायरेक्टर डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल लगातार तीसरी बार पूर्णिया-सह-अररिया-सह किशनगंज स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र (Local Bodies, Purnia, Araria & Kishanganj) से एमएलसी हैं। 2022 के चुनाव में उन्होंने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज की है।
जनता दल यूनाइटेड के नेता और बिहार के पूर्व मंत्री अशोक चौधरी ने इस कैम्पेन की जानकारी देते हुए गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव हो या अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव, जो नए मतदाता हैं, उन्हें नहीं पता है कि इस सरकार के आने से पहले बिहार की हालत क्या थी।
गुरुवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहले मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की और उसके बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
किशनगंज एएमयू सेंटर पर जदयू जिलाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2011 में निःशुल्क 224.02 एकड़ जमीन दी थी लेकिन कांग्रेस के कार्यकाल होने के बावजूद राशि आवंटित नहीं की गयी।
एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष ने नागरिकता संशोधन अधिनियम को संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ बताया और कहा कि यह कानून समानता के अधिकार के खिलाफ है और भेदभाव वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रताड़ित कोई भी हो सकता है मुसलमान के साथ भेदभाव करना गलत है।