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पहलगाम हमले के दो दिन बाद मधुबनी पहुंचे थे PM मोदी, कार्यक्रम पर डेढ़ साल बाद करीब ₹17.29 करोड़ खर्च की मंजूरी

syed jaffer imam Reported By Syed Jaffer Imam |
Published On :
pm modi visited madhubani two days after the pahalgam attack ₹17.29 crore event expenditure approved 1.5 years later

बिहार के मधुबनी में 24 अप्रैल 2025 को आयोजित राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस का कार्यक्रम मूल रूप से पंचायतों, ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं से जुड़ा राष्ट्रीय आयोजन था। लेकिन कार्यक्रम से ठीक दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का एक बड़ा हिस्सा आतंकवाद और हमले पर केंद्रित रहा।


अब सितंबर 2026 में बिहार कैबिनेट ने इस कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर हुए ₹17,28,70,659 के खर्च की प्रतिपूर्ति को मंजूरी दी है। इससे संबंधित प्रस्ताव पंचायती राज विभाग की ओर से कैबिनेट के समक्ष रखा गया था। इसी वजह से करीब डेढ़ साल पुराने कार्यक्रम को लेकर यह सवाल फिर चर्चा में है कि क्या मधुबनी का सरकारी मंच उस दिन विकास और पंचायती राज से आगे बढ़कर राजनीतिक-संदेश देने का मंच भी बन गया था?

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राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल 2025 को बिहार के मधुबनी में राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, कार्यक्रम में बिहार और देश से संबंधित ₹13,480 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में पंचायती राज संस्थाओं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, डिजिटल कनेक्टिविटी, मखाना, सड़क, रेलवे और अन्य विकास विषयों पर भी बात हुई।


मधुबनी का यह कार्यक्रम उस समय इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा था क्योंकि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के भाषण का एक प्रमुख हिस्सा 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर केंद्रित था। हमले में पर्यटकों को निशाना बनाया गया था और कार्यक्रम से केवल दो दिन पहले हुई इस घटना ने पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया पैदा की थी।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ की थी। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कुछ क्षण मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि देने का आग्रह किया।

भाषण में ‘अटैक’ शब्द बार-बार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मधुबनी में अपने संबोधन के दौरान पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि पूरे देश का दुख पीड़ित परिवारों के साथ है। प्रधानमंत्री के आधिकारिक संबोधन के मुताबिक, हमले में अलग-अलग राज्यों और भाषाई पृष्ठभूमि के लोग मारे गए थे, जिनमें बिहार से जुड़े लोग भी शामिल थे।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करेगा और आतंकियों तथा उनके समर्थकों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि आतंकवाद के सामने देश की भावना नहीं टूटेगी। इस तरह 24 अप्रैल 2025 का मधुबनी कार्यक्रम राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के आधिकारिक आयोजन के साथ-साथ पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री के सार्वजनिक संबोधन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बन गया था।

प्रधानमंत्री ने मधुबनी कार्यक्रम में पंचायतों के डिजिटल विस्तार, महिलाओं की भागीदारी और ग्रामीण विकास योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 2 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा गया है और 5.5 लाख से ज्यादा कॉमन सर्विस सेंटर बनाए गए हैं। बिहार में पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण का भी जिक्र किया गया। उन्होंने जीविका दीदियों को करीब ₹1,000 करोड़ की सहायता, देश में 4 करोड़ से अधिक पक्के मकानों के निर्माण, बिहार की सड़क-रेल-हवाई कनेक्टिविटी और पटना-जयनगर नमो भारत रैपिड रेल जैसी परियोजनाओं की चर्चा की थी। इसके अलावा बिहार में बाढ़ से निपटने के लिए ₹11,000 करोड़ की योजनाओं और मिथिला के मखाना के लिए मखाना बोर्ड तथा अनुसंधान केंद्र का भी उल्लेख किया था।

अब कार्यक्रम की खर्च को एक साल बाद केबिनेट की मंजूरी

अब बिहार सरकार ने उसी कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के लिए पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव के बाद ₹17,28,70,659 की प्रतिपूर्ति को वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट दस्तावेज में इसे मधुबनी जिले में आयोजित कार्यक्रम के लिए सुसज्जित व्यवस्था के लिए किए गए कार्यों की प्रतिपूर्ति के रूप में दर्ज किया गया है। यानी यह मंजूरी कार्यक्रम के आयोजन से संबंधित पहले किए गए कार्यों/व्यवस्थाओं के खर्च की प्रतिपूर्ति से जुड़ी है।

एक और दिलचस्प पहलू समय का है। कार्यक्रम अप्रैल 2025 में हुआ था, जबकि उसकी व्यवस्थाओं से संबंधित ₹17.28 करोड़ से अधिक की प्रतिपूर्ति की मंजूरी वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर 2026 में सामने आई।

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सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

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