पप्पू यादव पर कोई कानून लागू नहीं होता। जी हां, ऐसा लगता है कि जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव देश के कानून से ऊपर हैं।

हम ऐसे ही ये बात नहीं कह रहे। अब जरा पटना के बिहटा की ये तस्वीरें देखिए, यूं तो अभी तक बिहार में चुनाव का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन पप्पू यादव पूरे दम-खम के साथ तैयारियों में जुट चुके हैं। ऐसा भी नहीं है कि ये कोई चुनावी रोड शो है लेकिन ये उससे कम भी नहीं है।

शनिवार को पप्पू यादव अपने समर्थकों के हुजूम के साथ पटना के रानी तालाब इलाके पहुंचे थे, जहां कटारी निसरपुरा में किसान धरने पर बैठे हुए हैं। खुद को जनसेवक कहने वाले पप्पू यादव बिना सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखे किसानों से मिलने पहुंचे थे, ऐसे में न वो सिर्फ खुद की बल्कि दूसरे लोगों की जान से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।

पप्पू यादव के समर्थकों ने जिस तरह से रोड शो निकाला वो कई सवाल खड़े कर रहा है। सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना महामारी से जूझ रही है, बिहार में तो अभी कुछ दिन पहले ही lovkdown हटाया गया है और 6 सितंबर तक तमाम प्रतिबंधों के साथ अनलॉक 3 की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन इस अनलॉक की प्रक्रिया में इस तरह से भीड़ जुटाना शामिल नहीं है। इस रोड शो में सैकड़ों की तादाद में शामिल पप्पू यादव के समर्थक हेलमेट तो दूर मास्क तक पहने हुए नहीं थे। यहां तक कि खुद पप्पू यादव ने भी मास्क नहीं लगाया था और मंच से उसी तरह भाषण दे रहे थे।

ऐसा नहीं है कि कोरोना महामारी के दौरान पप्पू यादव ने ये काम पहली बार किया है। पप्पू यादव इसी तरह बिना मास्क पहने और बिना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किये पिछले कई महीनों से बिहार के अलग-अलग इलाकों में घूम रहे हैं। ये तस्वीरें बाढ़ और कोरोना से प्रभावित इलाकों की हैं जहां पप्पू यादव अपने समर्थकों के साथ लगातार रोड शो की शक्ल में निकलते रहे हैं।

इतना ही नहीं पटना में अपने आवास पर भी वो हर दिन इसी तरह से सैकड़ों-हजारों लोगों से बिना कोई सावधानी बरते मिलते रहते हैं। उनके ऊपर lockdown कब उल्लंघन के लिए मामला भी दर्ज हो चुका है लेकिन पप्पू यादव हैं कि मानते ही नहीं।

हर दिन वो अपनी पार्टी में नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने पर स्वागत समारोह भी मनाते हैं। ये तस्वीरें भी शनिवार की ही हैं। जहां पटना में हुए मिलन समारोह में उन्होंने कई लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई।

पप्पू यादव मैं मीडिया को खुद बता चुके हैं कि कोरोना महामारी के दौरान वो अब तक कितने गांवों का दौरा कर चुके हैं।

हो सकता है कि पप्पू यादव को भगवान का वरदान मिला हो लेकिन दुनिया के बाकी लोग कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं। ऐसे में बतौर एक पार्टी के अध्यक्ष और खुद को जनसेवक कहने वाले नेता की ये हरकतें कितनी जायज़ हैं, ये सवाल हम आपके लिए छोड़ रहे हैं।