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राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की अधिसूचना जारी, लेकिन कहाँ बनेगा पता नहीं

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार यह बोर्ड मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए काम करेगा।

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notification of national makhana board issued but it is not known where it will be set up

भारत सरकार ने बिहार में “राष्ट्रीय मखाना बोर्ड” के गठन की घोषणा की है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार यह बोर्ड मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए काम करेगा।


लेकिन अधिसूचना में कहीं ये नहीं लिखा गया है कि बोर्ड कहाँ बनेगा, पूर्णिया या दरभंगा में।

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भारत दुनिया का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक देश है। इसे “सुपरफुड” माना जाता है क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, आहार फाइबर और खनिज प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, मैग्नीशियम और पोटैशियम इसे स्वास्थ्यवर्धक बनाते हैं, जबकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। मुख्यतः बिहार और पूर्वी भारत के अन्य राज्यों में मखाना की खेती होती है, जिसमें बिहार का योगदान सबसे अधिक है।


बोर्ड की संरचना

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड में अध्यक्ष सहित विभिन्न मंत्रालयों, बिहार एवं अन्य उत्पादक राज्यों के प्रतिनिधि, मखाना किसान और प्रसंस्करणकर्ताओं के सदस्य शामिल होंगे। इसके अलावा दरभंगा स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, निफ्टेम, सीआईपीएचईटी (लुधियाना), नाबार्ड और बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के विशेषज्ञ भी बोर्ड का हिस्सा होंगे। बोर्ड की बैठकों की अध्यक्षता केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त अध्यक्ष करेंगे और वर्ष में कम से कम दो बैठकें होंगी।

बोर्ड वार्षिक योजना बनाएगा, जिसे केंद्र सरकार अनुमोदित करेगी। केंद्र से आवश्यक अनुदान दिए जाएंगे। यात्रा व भत्ता आदि की व्यवस्था मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी। यह बोर्ड केंद्र सरकार के नियंत्रण और पर्यवेक्षण के तहत कार्य करेगा।

बोर्ड का मुख्य उद्देश्य मखाना उद्योग को संगठित और सशक्त बनाना है। इसके अंतर्गत: उत्पादन और नई प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने, कटाई के बाद प्रबंधन को मजबूत करने, मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण को बढ़ाने, बाजार, ब्रांड और निर्यात विकास की सुविधा प्रदान करने, किसानों और एफपीओ को प्रशिक्षण देकर क्षमता निर्माण करने, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने आदि पर काम किया जाएगा।

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