बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार प्रसार का दौर जारी हो चुका है। ऐसे में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी फुल फॉर्म में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अपने चुनावी प्रचार अभियान की आज शुरूआत भी कर दी है। सोमवार से ही नीतीश कुमार बिहार में कई जगहों पर वर्चुअल रैली कर रहे हैं। सोमवार को सीएम ने 11 विधानसभा क्षेत्रों के लोगों के संग वर्चुअल संवाद किया। आज इसी वर्चुअल रैली का दूसरा दिन था।

रैली के दूसरे दिन सीएम आज 2 शिफ्टों में 24 विधानसभा क्षेत्रों के लोगों से बात करेंगे। पहले चरण में पांच जिलों के 11 विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को सीएम नीतीश ने संबोबित किया. इनमें मोकामा, मसौढ़ी, पालीगंज, कुर्था, जहानाबाद, घोसी, संदेश, अगिआंव, जगदीशपुर, डुमरांव और राजपुर शामिल है। वर्चुअल संवाद के पहले दिन नीतीश कुमार ने कहा कि इस बार कोरोना की वजह से चुनाव प्रचार का समय काफी कम है। ऐसे में सभी जगहों पर पहुंचना संभव नहीं है। उन्होंने इस बारे में भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बिहार आयेंगे, उनके साथ भी हम चुनाव प्रचार में जायेंगे।

वहीं आज लोगों से बात करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि कल से हमलोग चुनावी प्रचार की शुरूआत करने जा रहे हैं। इस बीच कई जगहों पर जाएंगे। लेकिन हर जगह पहुंच पाना इस बार संभव नहीं है कोरोना कब खत्म होगा यह कोई नहीं जानता है। लॉकडाउन के दौरान आने वाले लोगों को हमलोगों ने क्वॉरेंटाइन कर रखा और जाने के दौरान सभी को एक – एक हजार रुपए दिया गया।

उन्होंने कहा कि हमारे कामों के कारण ही बिहार में कोरोना कम हुआ है। कोरोना काल में बहुत काम हुआ। लेकिन हमलोग बात करने में नहीं काम करने में यकीन करते हैं। बिना वजह प्रचार नहीं करते हैं।

वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अपने संवाद में लालू परिवार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि पति-पत्नी के राज में कैबिनेट की बैठक नहीं होती थी।

उन्होंने भागलपुर दंगे की बात फिर से उठाते हुए कहा कि हमने अल्पसंख्यक के लिए किया है। किसी ने कभी कुछ नहीं किया। हमें मौका मिला हमने काम किया। नीतीश कुमार ने कहा कि कुछ लोगों को सेवा से मतलब नहीं हैं वो मेवा से मतलब रखते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग सेवा करना जानते हैं। जिन्हें मेवासे मतलब रहता है वो जनता में गलतफहमिया पैदा करके वो हासिल करते हैं। हमने काम किया हम उसी के बारे में बताते हैं।