बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वीआरएस लेकर जनता दल यूनाइटेड में शामिल होनेवाले बिहार के पूर्व डीजिपी गुप्तेश्वर पाण्डेय के चुनाव लड़ने के कयासों को लेकर विराम लग गया है। इस खबर के सामने आने के बाद बिहार के पूर्व डीजिपी ने आज पटना में एक प्रेस कांफ्रेंस करके इस बारे में लोगों को जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं अभी भी जदयू में हूं और इस पार्टी का अनुशासित सिपाही हूं। उन्होंने कहा कि मेंरे ​वीआरएस लेने को लेकर चुनाव से डायरेक्ट जोड़ना ठीक नहीं है। पाण्डेय ने कहा कि उनके चुनाव लड़ने की संभावना थी, लेकिन किसी कारण वो चुनाव नहीं लड़ सके। उन्होंने कहा कि वो अभी भी एनडीए यानी जदयू और बीजेपी के साथ है।

वहीं जब पूर्व डीजिपी से पूछा गया कि ​क्या महाराष्ट्र सरकार और पुलिस की छवि खराब करने के कारण उनका टिकट कटा? इसपर उन्होंने कहा कि टिकट कटने की वजह जो भी रही हो यह बड़े नेताओं के बीच की बात है। लेकिन महाराष्ट्र और सुशांत के प्रकरण में मैने जो भी किया उसमें मैने कोई गलती नहीं कि ओर मुझे उसका अफसोस नहीं है। वहीं जब नीतीश कुमार को लेकर उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जुबान के पक्के हैंं, वो किसी को ठगते नहीं है। मैं आपको नहीं बता सकता हमारे उनके बीच क्या बात हुई। उन्होंने कहा कि मैं राजनीति में आया चुनाव लड़ने के लिए हूं, लेकिन राजनीति में चीजें वैसी नहीं चलती जैसी आप सोचते हैं।

बता दें कि बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के विधानसभा चुनाव लड़ने की कयासों पर कल रात बीजेपी की ओर से बक्सर सीट को लेकर जारी उम्मीदवार के नाम के बाद विराम लग गया। बीजेपी ने बक्सर की सीट परशुराम चतुर्वेदी को दी है।

 

क्या जाएंगे लोकसभा

बक्सर सीट को लेकर आए बीजेपी के फैसले ने ये तो क्लियर कर दिया है कि पांडेय विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। लेकिन अभी पूर्व डीजीपी के लिए एक अवसर बाकी है। वो विधानसभा भले न जा सके हो लेकिन लोकसभा जाने की उम्मीद अभी बच्ची है। बता दें कि वाल्मिकीनगर लोकसभा सीट को लेकर उपचुनाव होने को है। ये सीट जदयू के कोटे में है। ऐसे में कहा जा रहा है कि जदयू उन्हें संसद में भेजने की तैयारी में है। अब देखना ये है कि पांडेय जी को लेकर नीतीश कुमार क्या फैसला लेते हैं।