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बिहार: सरकारी स्कूलों के लिये जारी हुआ नया टाइम-टेबल, 1 जुलाई से लागू

शनिवार को विद्यालय में पूरे दिन गतिविधि जारी रहेगी। मध्यान्तर तक माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापन कार्य होगा। भोजनावकाश के बाद बाल संसद, सभा, खेल-कूद, सृजनात्मक गतिविधि, अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित की जायेगी।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
Published On :
new time table released for bihar government schools effective from july 1

बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों के लिये नया टाइम-टेबल जारी किया है। यह टाइम-टेबल राज्य के सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक (संस्कृत स्कूल और मदरसा सहित) स्कूलों के लिये जारी किया गया है। स्कूलों में नया टाइम-टेबल 1 जुलाई से प्रभावी होगा।


नये टाइम-टेबल के अनुसार, सरकारी स्कूल 9 बजे से 4.30 तक चलेंगे। हालांकि, शिक्षकों को 10 मिनट पहले स्कूल पहुंचना होगा। 3.15 बजे बच्चों की छुट्टी हो जायेगी, लेकिन, शिक्षकों की छुट्टी 4.30 बजे होगी। 3.15 बजे के बाद शिक्षक मिशन दक्ष के तहत चयनित बच्चों को पढ़ायेंगे, साथ ही बच्चों का होमवर्क चेक करेंगे। शिक्षकों को प्रत्येक दिन छात्र/छात्राओं को होमवर्क देना और अगले दिन उसकी जाँच करना होगा।

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आदेश में कहा गया है कि राज्य के सभी प्रारंभिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक इस समय-सारिणी के अनुसार ही काम करेंगे, और विद्यालय ससमय खोलना और बंद करना सुनिश्चित करेंगे। किसी भी स्कूल के प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक अपने स्तर से विद्यालय समय-सारिणी में कोई बदलाव नहीं करेंगे अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी।


संस्कृत बोर्ड के अन्तर्गत आने वाले स्कूल तथा राजकीय उर्दू विद्यालय भी यही मॉडल टाइम टेबल का पालन करेंगे। यदि विद्यालय में किसी कक्षा की बोर्ड/सेंटअप परीक्षा ली जा रही हो तो अन्य कक्षाओं को सस्पेंड नहीं किया जायेगा।

शनिवार को विद्यालय में पूरे दिन गतिविधि जारी रहेगी। मध्यान्तर तक माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापन कार्य होगा। भोजनावकाश के बाद बाल संसद, सभा, खेल-कूद, सृजनात्मक गतिविधि, अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित की जायेगी।

सितम्बर में होगी अर्द्धवार्षिक परीक्षा

माह सितम्बर में अर्द्धवार्षिक परीक्षा होनी है, इसलिए यथा निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा कराने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी। मिशन दक्ष के तहत कक्षाएं समय-सारिणी के अनुसार ली जाएंगी। सभी शिक्षक अपने-अपने वर्ग-चिन्हित कर कमजोर बच्चों का अलग-अलग कक्षाओं में वर्ग संचालन करना सुनिश्चित करेंगे।

दरअसल, निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009 के तहत प्रति सप्ताह शिक्षकों की न्यूनतम 45 घंटे की कार्यावधि निर्धारित है। इसलिये प्रत्येक शिक्षक को सोमवार से शनिवार तक प्रतिदिन 7.5 घंटे की न्यूनतम कार्यावधि का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिये कहा गया है। आवश्यकता पड़ने पर पाठ्यक्रम पूरा करने के लिये इस कार्यावधि प्रधानाध्यापक द्वारा बढ़ायी जा सकती है।

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नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

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