बिहार के पूर्णिया एयरपोर्ट पर नए सिविल एन्क्लेव के निर्माण के लिए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (एएआई) ने ₹294.04 करोड़ का टेंडर जारी किया है।
जारी अधिसूचना के अनुसार, इस परियोजना के तहत नया यात्री टर्मिनल भवन, उससे जुड़ी सहायक संरचनाओं तथा बाहरी विकास कार्यों का निर्माण किया जाएगा। यह पूरा कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर किया जाएगा।
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टेंडर की अनुमानित लागत ₹294 करोड़ 4 लाख 98 हजार 866 रुपये है। चयनित एजेंसी को निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 540 दिनों का समय दिया जाएगा।
इच्छुक कंपनियां 23 जुलाई 2026 से टेंडर दस्तावेज डाउनलोड कर अपनी बोलियां जमा कर सकेंगी। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 7 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे निर्धारित की गई है।
इस परियोजना को लेकर 30 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे नई दिल्ली में प्री-बिड बैठक आयोजित होगी। इसके बाद 11 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे टेंडर की बोलियां खोली जाएंगी।
ऐसा होगा एयरपोर्ट का स्वरूप
पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित नए सिविल एन्क्लेव की डिजाइन बेसिस रिपोर्ट में एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए मिथिला और सीमांचल की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने की योजना पेश की गई है। पहले चरण में एयरपोर्ट का विकास लगभग 52.18 एकड़ क्षेत्र में किया जाएगा। यह परियोजना भारतीय वायु सेना के मौजूदा एयरफोर्स स्टेशन परिसर के भीतर विकसित होगी, जहां 2,743 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे पहले से मौजूद है।
प्रस्तावित नए घरेलू टर्मिनल भवन की क्षमता 2.1 मिलियन यात्रियों प्रति वर्ष (MPPA) रखी गई है। एयरपोर्ट पर पीक आवर में 1,000 यात्रियों (500 आगमन और 500 प्रस्थान) को संभालने की व्यवस्था होगी। इसके लिए दो एयरोब्रिज, आगमन और प्रस्थान टर्मिनल, पार्किंग, सर्विस रोड, हाईवे से नया एप्रोच रोड, लैंडस्केपिंग और यूटिलिटी ब्लॉक जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि टर्मिनल भवन का डिजाइन केवल आधुनिक हवाई अड्डा सुविधाओं तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसमें बिहार और मिथिला की कला, संस्कृति और स्थापत्य विरासत को भी प्रमुखता दी जाएगी। भवन की बाहरी संरचना मालूटी मंदिरों की टेराकोटा वास्तुकला से प्रेरित होगी, जबकि आंतरिक सज्जा में मधुबनी पेंटिंग, गंगा नदी की प्रतीकात्मक अवधारणा, बोधि वृक्ष से प्रेरित स्तंभ, मंडला कला और हरियाली को शामिल किया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टर्मिनल में चेक-इन हॉल, सुरक्षा जांच क्षेत्र, बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, रिटेल और फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट, स्मोकिंग रूम, ग्रीन कोर्टयार्ड, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। आगमन क्षेत्र में पर्याप्त बैगेज क्लेम सुविधा और एयरलाइन कार्यालय भी बनाए जाएंगे।
पार्किंग व्यवस्था के तहत 448 निजी कार और टैक्सी पार्किंग स्लॉट, 58 स्टाफ पार्किंग, छह बस पार्किंग तथा दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। रिपोर्ट में सुरक्षा, अग्निशमन और दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाओं को भी अनिवार्य रूप से शामिल करने की बात कही गई है।
कुल मिलाकर, प्रस्तावित पूर्णिया एयरपोर्ट को केवल एक परिवहन केंद्र नहीं बल्कि मिथिला और सीमांचल की सांस्कृतिक पहचान के आधुनिक प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
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