Main Media

Get Latest Hindi News (हिंदी न्यूज़), Hindi Samachar

Support Us

कटिहार के मनिहारी प्रखंड में बाढ़ राहत सामग्री में अनियमितताओं के खिलाफ मुखिया का प्रदर्शन

कटिहार के मनिहारी प्रखंड के दक्षिणी कांटाकोस के मुखिया शरीफुल उर्फ धोनी ने बाढ़ राहत सामग्री के वितरण में अनियमितताओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

Mohammad Zaid Reported By Mohammad Zaid |
Published On :
mukhiya demonstration against irregularities in flood relief material in manihari block of katihar

कटिहार के मनिहारी प्रखंड के दक्षिणी कांटाकोस के मुखिया शरीफुल उर्फ धोनी ने बाढ़ राहत सामग्री के वितरण में अनियमितताओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मनिहारी ब्लॉक परिसर में सैकड़ों समर्थकों के साथ पहुंच कर मुखिया धोनी ने राहत सामग्री के वितरण में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया।


प्रदर्शन में शामिल प्रमुख पति मंजय साह और उनके समर्थकों का आरोप था कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी राहत सामग्री ज़रूरतमंदों तक नहीं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि असली बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री नहीं मिल रही है, जबकि कुछ प्रभावशाली लोगों को इसका लाभ दिया जा रहा है। मुखिया धोनी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ित लोग राहत सामग्री के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन पदाधिकारी अपनी मिलीभगत से सामग्री का ग़लत तरीके से वितरण कर रहे हैं।

Also Read Story

अररिया में पत्रकार मुनव्वर से बंदूक के बल पर लूटपाट, दांत तोड़ा, तीन गिरफ्तार

बिहार सरकार में IAS अधिकारियों के तबादले, कई प्रमंडलीय आयुक्त और डीएम बदले

किशनगंज: 11 केवी तार गिरने से मवेशी की मौत, लोगों ने मुआवजे और लाइन शिफ्टिंग की मांग की

पूर्णिया में पुलिस की गाड़ी में सवार तीन पुलिसवालों ने युवक से लुटे ₹1.10 लाख

भारत-पाक तनाव के बीच पूर्णिया में मुख्यमंत्री की सुरक्षा बलों के साथ बैठक

अररिया सदर अस्पताल में लगी भीषण आग, तीन जिलों से मंगाई गईं 13 दमकल गाड़ियां

अररिया: पुलिस मुठभेड़ में तनिष्क लूटकांड का आरोपी चुनमुन झा की मौत

किशनगंज में कनकई और महानंदा नदी पर दो पुलों के निर्माण के लिए टेंडर जारी

अररिया में अपराधी को गिरफ्तार करने गए ASI की मौत, ‘पीट-पीटकर हत्या नहीं’

प्रशासन पर गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान “पदाधिकारी मुर्दाबाद” के नारे गूंजते रहे। मुखिया ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित कई गांवों में प्रशासनिक मदद अब तक नहीं पहुंची है और वहां के लोग खाने-पीने की वस्तुओं की भारी कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि सिर्फ दिखावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। मुखिया ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें मजबूरी में आंदोलन पर बैठना पड़ेगा।


अधिकारी ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर, ब्लॉक के पदाधिकारी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि राहत सामग्री के वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को सामग्री नहीं मिलने की शिकायत है तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन केवल झूठे आश्वासन दे रहा है और कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।

प्रदर्शन के बाद ब्लॉक परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए जल्द ही एक बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

मो० जैद कटिहार जिले के मनिहारी प्रखंड से हैं। 2021 से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। अपनी पत्रकारिता के ज़रिए जनता की आवाज बनकर उनके हक के लिए सरकार से लड़ना चाहते हैं।

Related News

स्लोवेनिया जाने की फिराक में दो बांग्लादेशी नागरिक किशनगंज से गिरफ्तार

पूर्णिया एयरपोर्ट बाउंड्री वॉल की निविदा प्रक्रिया पूरी, जल्द शुरू होगा निर्माण

पूर्णिया में महानंदा बेसिन प्रोजेक्ट के खिलाफ विशाल आमसभा, लाखों की आबादी प्रभावित होने का खतरा

किशनगंज: दो सप्ताह से गायब ट्रेक्टर चालक का मिला शव, 5 गिरफ्तार

बिहार के लाल शम्स आलम ने स्विमिंग में बनाया रिकॉर्ड, अंतरराष्ट्रीय खेल में जीते 6 मैडल

किशनगंज में एनएच 27 पर तेज़ रफ़्तार बाइक पर सवार 3 छात्रों की मौत

पूर्णिया में डीजे वाहन की चपेट में आने से महिला की मौत, दर्जन भर लोग घायल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

बिहार के नवादा में अतहर की मॉब लिंचिंग के डेढ़ महीने बाद भी न मुआवज़ा मिला, न सबूत जुटे

बिहार चुनाव के बीच कोसी की बाढ़ से बेबस सहरसा के गाँव

किशनगंज शहर की सड़कों पर गड्ढों से बढ़ रही दुर्घटनाएं

किशनगंज विधायक के घर से सटे इस गांव में अब तक नहीं बनी सड़क

बिहार SIR नोटिस से डर के साय में हैं 1902 में भारत आये ईरानी मुसलमान