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Modern Slavery

पलायन का दर्द बयान करते वायरल गाना गाने वाले मज़दूर से मिलिए

इन दिनों एक मजदूर की दर्द भरी आवाज में पलायन के ऊपर गाए गए इस गाने को खूब पसंद किया जा रहा है। इसका वायरल वीडियो आपने किसी ना किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जरूर देखा होगा जिसमें यह मजदूर दो ट्रेनों के बीच खड़ा होकर इस गाने के माध्यम से अपना दुख व्यक्त कर रहा है।

“यहाँ हमारी कौन सुनेगा” दिल्ली में रह रहे सीमांचल के मज़दूरों का दर्द

आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों की मानें, तो किशनगंज में 2020 तक पंजीकृत मज़दूरों की संख्या 39,244 थी लेकिन कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन के बाद राज्य वापस लौटने वाले मज़दूरों की अनुमानित संख्या 56,320 बताई गई थी।

दार्जिलिंग के चाय बागान श्रमिक ₹232 में मज़दूरी करने पर मजबूर

पश्चिम बंगाल और असम में चाय बागान के श्रमिकों को फिलहाल 232 रुपए दिहाड़ी की दर से मज़दूरी दी जाती है। त्रिपुरा और बिहार के किशनगंज को छोड़ दें तो यह देश में बाकी राज्यों के मुक़ाबले काफी कम है।

चाय बागान मजदूरों का करोड़ों दबाए बैठे हैं मालिकान!

आज से 10 बरस पहले यानी 2012 का ही आंकड़ा देखें, तो असम में 429 करोड़, तमिलनाडु में 70 करोड़, पश्चिम बंगाल में 30 करोड़ व केरल में 27 करोड़ रुपये बकाया हैं।

मोतिहारी ईंट-भट्ठा हादसा: “घर में छोटे छोटे पांच बच्चे हैं, हम तो जीते जी मर गए”

पिछले दिनों मोतिहारी के रामगढ़वा थाना क्षेत्र में स्थित ईंट-भट्ठा की चिमनी में ब्लास्ट में हो गई थी। हादसे में चिमनी मालिक सहित 10 लोगों की मृत्यु हुई थी और 8 लोग घायल हुए थे।

नौकरी के नाम पर म्यांमार में बंधक बनाए गए किशनगंज के दो युवक मुक्त

कम्बोडिया में अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर म्यांमार में बंधक बनाकर गलत तरीके से कार्य करा रहे दो भारतीय युवकों को किशनगंज पुलिस ने मुक्त कराया है।

सीमांचल में क्यों बढ़ रही नाबालिग शादियां व तस्करी

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस) – 5 के मुताबिक, साल 2019-2020 में 35.6 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 साल की उम्र से पहले हुई। साल 2015-2016 में यह आंकड़ा 62.05 प्रतिशत था।

विदेशों में काम की चाहत में ठगों के चंगुल में फंस रहे गरीब

पिछले तीन महीनों में 'मैं मीडिया' की टीम ने ऐसे दर्जनों प्रवासी मज़दूरों और उनके परिजनों से बात कर बर्बादी के स्तर को समझने की कोशिश की।

शादी कर चंडीगढ़ में देह व्यापार में धकेली जा रही किशनगंज की लड़कियां

किशनगंज में इन दिनों गर्ल्स ट्रैफिकिंग गिरोह सक्रिय है, जो गांव के गरीब व निरक्षर माता पिता की बच्चियों को शिकार बनाता है। यह गिरोह किशनगंज की बच्चियों की शादी कर, चंडीगढ़ ले जाता है और वहां उन्हें देह व्यापार के दलदल में धकेल देता है। ऐसा ही कुछ खुलासा चंडीगढ़ से भागकर आयी जीनत […]

नागालैंड में कटिहार के चार मजदूरों की मौत

सड़क दुर्घटना में नागालैंड में कटिहार के चार मजदूरों के मौत के बाद अब चारों मजदूरों का शव गांव पहुंचा है। बताते चलें चारों मजदूर कटिहार कोढ़ा विधानसभा के राजीगंज से है। पंकज, शिवम, संजय और रघुनंदन कंस्ट्रक्शन मजदूरी के काम के लिए नागालैंड गये हुए थे, जहां सड़क हादसे में चारों की मौत हो […]

किशनगंज रेड लाइट एरिया में छापेमारी, एक नाबालिग लड़की को किया रेस्क्यू

किशनगंज टाउन थाना पुलिस ने शहर के खगड़ा मुहल्ला स्थित रेड लाइट एरिया में रविवार को छापेमारी की। किशनगंज एसपी डॉ इनामुल हक मेगनु की ओर से गठित एक विशेष टीम के द्वारा ये छापेमारी की गयी। पुलिस की छापेमारी से रेड लाइट एरिया में हड़कंप मच गया। छापेमारी के दैरान पुलिस ने कई घरों […]

Hyderabad में जहां Seemanchal के मजदूर मरे, वहां से ग्राउंड रिपोर्ट

हैदराबाद के भोईगुड़ा में 23 मार्च को जिस कबाड़ गोदाम में भीषण आग लगने से बिहार के कटिहार जिले के तीन व सारण जिले के 8 प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई थी, वही गोदाम मजदूरों का ठिकाना भी था।

Exclusive: पुणे हादसा पर बिहारी मजदूरों ने किया सनसनीखेज खुलासा

पांचों शव के साथ लौटे मजदूरों ने कहा है कि साइट पर कोई इंजीनियर नहीं रहता था और न ही सुरक्षा का कोई इंतजाम था।

WATCH: स्लैब में बिहारी मजदूर ही नहीं, उनके परिवारों के सपने भी दब गये

कटिहार के रहने वाले आलम, मोबिद, सोहेल और शमीम समेत पांच मजदूरों की पिछले दिनों पुणे में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करते हुए स्लैब गिरने से मौत हो गई थी।

Pune में स्लैब गिरने से Katihar के पांच मजदूरों की मौत

महाराष्ट्र के पुणे स्थित यरवदा इलाके के शास्त्रीनगर में गुरुवार की देर रात एक बड़े हादसे में कटिहार के पांच मजदूरों की मौत हो गई।

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किशनगंज विधायक के घर से सटे इस गांव में अब तक नहीं बनी सड़क