एक तरफ पूर्वी भारत में चक्रवात यास की वजह से बहुत से लोगों का जवीन अस्त व्यस्त हो गया तो दूसरी तरफ राजनीति में भी यास की वजह से 28 मई, शुक्रवार को एक तूफान सा आ गया। इस राजनीतिक तूफान के सेंटर में थी ममता बनर्जी। पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में चक्रवात यास से हुए नुकसान के लिए कालीकुंडा एयर फोर्स बेस पर रिव्यू मीटिंग रखी थी। लेकिन ममता मीटिंग से पहले ही प्रधानमंत्री से 15 मिनट की मुलाकात करके उनको नुकसान की रिपोर्ट देकर निकल गई। PM की ओर से ट्वीटर पर इसको लेकर तो कोई प्रतिक्रिया तो नहीं देखने को मिली, उनके नेताओं को इस बात का बहुत बुरा लगा गया और ममता की आलोचना करते हुए ट्वीट पर ट्वीट आने शुरु हो गए।

बीजेपी नेताओं ने ममता को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी

पीएम मोदी ने तो ममता के व्यवहार पर कुछ नहीं बोला लेकिन उनके नेताओं में ग्रह मंत्री अमित शाह, योगी आदित्य नाथ, संबित पात्रा, प्रकाश जावेड़कर, रवि शंकर प्रसाद और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ममता बनर्जी की आलोचना की। कुछ लोग आलोचना से भी आगे निकल गए, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ममता के व्यवहार पर बोला कि ‘मैंने तो पहले ही TMC का मतलब बताया था कि तोड़ो, मारो, काटो’। सुवेंदु अधिकारी ने तो इसे ‘काला दिन’ बता दिया। बंगाल के राज्यपाल और ममता के बीच तनातनी तो सीबीआई द्वारा ममता के नेताओं के गिरफ्तारी के समय से ही चल रही है। उन्होंने तो तीन बड़े-बड़े ट्वीट किए और सबमें ममता और उनके अधिकारियों की आलोचना की और बोला कि लोकतंत्र में इस तरह के विरोध की कोई जगह नहीं है।

ममता ने बोला था करेगी मीटिंग लेकिन सुवेंदु के आने से पलट गई

ममता बनर्जी की आलोचना एक बड़ा कारण ये भी है कि एक दिन पहले ममता ने बोला था कि वो बंगला में चक्रवात यास से हुए तबाही को लेकर पीएम मोदी के साथ रिव्यू मीटिंग करेगी। लेकिन जैसे ही अगले दिन शुक्रवार को अटकले आने लगी ममता के पुराने साथी और अब बीजेपी में शामिल हो चुके सुवेंदु अधिकारी भी इस मीटिंग में होगे ममता ने अपना इरादा बदल लिया। हालांकि ममता ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी को बताया कि दूसरी जगहों पर अधिकारियों से मीटिंग है और मैंने उनसे जाने की इजाजत ली और निकल गई। ममता ने जाने से पहले पीएम मोदी से 15 मिनट मुलाकात की और रिपोर्ट सौंपा की दीघा के विकास के लिए 20,000 करोड़ और 10,000 करोड़ सुंदरबन के लिए चाहिए।

मीटिंग के बाद 1000 करोड़ की राहत राशि घोषित

पीएम मोदी ने शुक्रवार सुबह को पहले तो उड़ीसा का दौरा किया और सीएम नवीन पटनाएक से मुलाकत करी। फिर बंगाल में चक्रवात से प्रभावित कई और जिलों का दौरा करने बाद उन्हें 2:30 से 3:30 के बीच पश्चिम मेदनीपुर के कालीकुड़ा में सीएम ममता बनर्जी से मिलना था। हालांकि रिव्यू मीटिंग के बाद 1000 करोड़ राहत राशि की घोषणा करी गई जिसमें से 500 करोड़ उड़ीसा को और बाकी 500 बंगाल और झारखंड में नुकसान के हिसाब से बांटा जाएगा। इसके अलावा जिस किसी परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हुई हो तो सदस्या पर 2 लाख और जो घायल हुए हो तो उनको 50 हजार दिए जाएंगे। बताया जा रहा है कि यास से बंगाल के दीघा में 4 लोग और कम से कम तीन लोगों की उड़ीसा में मौत हुई है।