मैं मीडिया ने Earth Journalism Network (EJN) के सहयोग से बिहार के किशनगंज में 4 से 6 अगस्त 2025 तक Bihar Climate Communicators’ Workshop का सफल आयोजन किया। इस तीन दिवसीय वर्कशॉप में बिहार और देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब पचास ग्रामीण पत्रकार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और शोधकर्ता शामिल हुए। इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर मज़बूत और प्रभावी रिपोर्टिंग को बढ़ावा देना था।
पहले दिन वर्कशॉप की शुरुआत पाँच रोचक और ज्ञानवर्धक सत्रों से हुई। इन सत्रों में EJN से रमेश भुषाल, एशियन डिज़ास्टर प्रिपेयर्डनेस सेंटर से असलम परवेज़, मोंगाबे से मनीष चंद्र मिश्रा, पर्यावरण शोधकर्ता शशिधर कुमार झा और अशोका–EDF क्लाइमेट कोर्प फेलोशिप से जुड़ी ज़ोया हुसैन ने जलवायु परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया। दिन का समापन एक खुले प्रश्नोत्तर सत्र से हुआ, जिसमें निधि जामवाल, रोहित उपाध्याय और महताब आलम भी शामिल हुए।
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दूसरे दिन प्रतिभागियों ने डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज का फील्ड विज़िट किया। यहाँ उन्होंने प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और किसानों से मुलाक़ात कर कृषि पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और उससे निपटने के नवाचारों पर सीधी बातचीत की। प्रतिभागियों ने ऑर्गेनिक खाद उत्पादन यूनिट का दौरा किया और ड्रैगन फ्रूट, अनानास व रेशम की खेती में हो रहे प्रयोगों को करीब से देखा। दिन के अंत में सभी ने बिहार के पहले चाय बागान का दौरा किया और इसे बनाने वाले राजकरण दफ्तरी के साथ इस पर विशेष चर्चा की।
तीसरे और अंतिम दिन का फ़ोकस क्लाइमेट जर्नलिज़्म की स्किल्स को निखारने पर रहा। स्वतंत्र पत्रकार रोहित उपाध्याय ने क्लाइमेट स्टोरीटेलर बनने पर सत्र लिया, ‘मैं मीडिया’ के ऋषिकेश आर्य ने बिहार से जुड़े ऑनलाइन डेटा संसाधनों की जानकारी साझा की और रमेश भुषाल ने नदियों पर रिपोर्टिंग के अनुभव बताए। वरिष्ठ पत्रकार निधि जामवाल ने बिहार से क्लाइमेट रिपोर्टिंग और उत्तर–दक्षिण विभाजन पर गहन चर्चा की। इसके बाद महताब आलम और ‘मैं मीडिया’ के संपादक उमेश कुमार राय ने स्टोरी आइडिया, लेखन और ग्रांट राइटिंग पर सत्र संचालित किया। वर्कशॉप का समापन एक खुले प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रशिक्षक — जिनमें रामनाथ गोयनका अवॉर्ड विजेता ज़ोया हुसैन, मोंगाबे के मनीष चंद्र मिश्रा और ‘मैं मीडिया’ के संस्थापक तंज़ील आसिफ शामिल रहे — ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए।
तीन दिनों की गहन सीख, फील्ड विज़िट और संवाद ने इस वर्कशॉप को एक ऐसा मंच बना दिया, जहाँ जमीनी स्तर की आवाज़ें और राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ एक साथ आए। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं था, बल्कि प्रतिभागियों को सक्षम बनाना था कि वे अपने समुदाय में जलवायु और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को सही संदर्भ और तथ्यों के साथ प्रस्तुत कर सकें।
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