Main Media

Get Latest Hindi News (हिंदी न्यूज़), Hindi Samachar

Support Us

अररिया में बिजली विभाग के जेई को निलंबित करने की मांग

फारबिसगंज के 33/11 बौची फीडर के कनीय अभियंता को निलंबित करने की मांग को लेकर लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया।

Navin Kumar Reported By Navin Kumar |
Published On :
Protest to remove engineer in araria from electricity departmet

अररिया के 33/11 बौची फीडर के कनीय अभियंता को निलंबित करने की मांग को लेकर लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया।


अररिया जिले के 33/11 बौची फीडर के कनीय अभियंता अमरेश कुमार ने जिला परिषद पति और गैर सरकारी संगठन ‘अररिया का मुद्दा’ के संचालक फैसल जावेद यासीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बैरगाछी ओपी थाना में आवेदन दिया था। अमरेश कुमार के अनुसार, फैसल जावेद यासीन ने बिजली विभाग के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसकर जबरदस्ती शटडाउन को लेकर पोल शिफ्टिंग कर दिया था।

Also Read Story

ट्रेन में क्या हुआ था उस रात? मुफ़्ती तौसीफ रज़ा की मौत पर किशनगंज से ग्राउंड रिपोर्ट

बिहार के नवादा में अतहर की मॉब लिंचिंग के डेढ़ महीने बाद भी न मुआवज़ा मिला, न सबूत जुटे

बिहार: मुस्लिम नाबालिग को बालिग बताकर ढाई महीने जेल में रखा

“चोरी की घटना कबूलो, नहीं तो मारकर नपुंसक बना देंगे” – दो भाइयों ने बताई पुलिसिया अत्याचार की कहानी

अररिया में पत्रकार मुनव्वर से बंदूक के बल पर लूटपाट, दांत तोड़ा, तीन गिरफ्तार

ईसाई आदिवासियों पर बजरंग दल का हमला, कटिहार से Ground Report

बिहार में ऑनर किलिंग के बाद हत्यारे पिता के समर्थन में क्यों उतरे लोग?

पूर्णिया: डायन बताकर आदिवासी परिवार के 5 लोगों की हत्या, 3 गिरफ्तार

हिरासत में मौतों का केंद्र अररिया! फिर एक मौत, उठने लगे सवाल

फैसल जावेद यासीन ने आरोप को झूठा बताया है। मीडिया से बात करते हुए कहा, “जेई द्वारा क्षेत्र से अवैध वसूली की जाती है। ग्रामीणों के घर के ऊपर 11 हजार वोल्ट का तार झुका दिया जाता है। तार हटाने के लिए 20 से 25 हजार रुपए की घूस ली जाती है। बिजली कनेक्शन, प्रीपेड मीटर और गलत बिजली बिल देकर लोगों से अवैध तरीके से पैसा वसूला जाता है। बिजली विभाग की वजह से हजारों लोगों की जान जोखिम में है। इसके उलट बिजली विभाग मुझपर ही आरोप लगा रही है।”


फैसल जावेद यासीन ने आगे कहा, “जेई की अवैध वसूली के खिलाफ मैंने लोगों को जागरूक किया है। यह आंदोलन जेई के निलंबित होने तक चलेगा।”

इस मामले को लेकर आंदोलन काफी तेज हो गया है। पिछले कई दिनों से शहर की अलग अलग जगहों पर लोगों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। शनिवार को फारबिसगंज के कोलिहा चौक पर लोगों ने जेई का पुतला दहन कर नारे लगाए। रविवार को मेटन और महिशाकोल में हजारों की संख्या में लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जुलूस निकाला था। सोमवार को मदनपुर और मंगलवार को मतीर चौक पर लोगों द्वारा जेई की बर्खास्तगी की मांग की गई।

फैसल जावेद यासीन ने मीडिया से अपील की है कि मामले में सांसद, विधायक और दोनों सदन के चेयरमैन से भी बयान लिया जाए, तभी स्पष्ट हो पाएगा कि मामले का साजिशकर्ता कौन है।

गौरतलब हो कि फैसल जावेद यासीन के पक्ष में शुक्रवार को जिला परिषद के सभी सदस्यों द्वारा आपात बैठक कर बिजली विभाग की कड़ी निंदा की गई। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

नवीन कुमार बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले हूं। आईआईएमएससी दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। अभी स्वतंत्र पत्रकारिता करते हैं। सामाजिक विषयों में रुचि है। बिहार को जानने और समझने की निरंतर कोशिश जारी है।

Related News

बहादुरगंज का ‘साइको पुलिसवाला’, क्रूरता के कई मामले आये सामने

‘4 घंटे PMCH में भटके, ऑक्सीजन के लिए पैसा मांगा’ – मृत दलित रेप पीड़िता के परिजन

गवाही के लिए 22 बार तारीख मिलने पर भी नहीं पहुंचे आईओ, गिरफ्तारी का आदेश

मुस्लिम युवक की टोपी उछाली, हत्या की, पुलिस ने कहा – मामला हेट क्राइम का नहीं

दिल्ली पुलिस ने किशनगंज के युवक को बांग्लादेशी होने के शक में हिरासत में लिया

बिहार के औरंगाबाद में बेटे की चाहत में बुजुर्ग की नरबलि!

अररिया: पुलिस मुठभेड़ में तनिष्क लूटकांड का आरोपी चुनमुन झा की मौत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

VB-G RAM G: लागू होने से पहले ही क्या नया कानून मनरेगा मज़दूरों का हक़ छीन रहा?

बिहार के नवादा में अतहर की मॉब लिंचिंग के डेढ़ महीने बाद भी न मुआवज़ा मिला, न सबूत जुटे

बिहार चुनाव के बीच कोसी की बाढ़ से बेबस सहरसा के गाँव

किशनगंज शहर की सड़कों पर गड्ढों से बढ़ रही दुर्घटनाएं

किशनगंज विधायक के घर से सटे इस गांव में अब तक नहीं बनी सड़क