बिहार के सहरसा जिले के सैकड़ों परिवार फिर से कोसी के कहर का शिकार हुए हैं। जिले के कई इलाकों में बाढ़ ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित महिषी प्रखंड के कई गांव भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। झाड़ा पंचायत का यह इलाका सबसे अधिक प्रभावित है और हालात भयावह बने हुए हैं।
पानी में डूबे ग्रामीणों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। लोग अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, हर साल कोसी के उफान से कई गांव डूब जाते हैं, लेकिन सरकार अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं खोज पाई है। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में दो महीने पहले से पानी भरना शुरू हो गया था, लेकिन 6 अक्टूबर को अचानक बाढ़ का पानी घरों के अंदर घुस गया।
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जान बचाने के लिए कई लोग घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। कई परिवार दो वक्त की रोटी से भी वंचित हैं। खाने को अनाज नहीं है। बाढ़ से खेती का भी नुकसान हुआ है। करीब 10,000 की आबादी वाले इस गांव में अब तक सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं पहुंची है।
बुजुर्ग महिला मुश्तरी बेगम के घर का चूल्हा जलभराव में टूट चुका है। उनका परिवार पिछले दो दिनों से भूख और प्यास में पड़ोसी की छत पर शरण लिए हुए है।
वहीं, धुनमुन देवी के घर का सामान और खाने-पीने की जरूरी चीजें बाढ़ के पानी में बह गईं। इस कुदरती आपदा को झेलते ये ग्रामीण अब सरकार और प्रशासन से मदद की आस लगाए बैठे हैं।
बाढ़ के कारण बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति सबसे अधिक खराब है। खाने-पीने की कमी के साथ-साथ सामान्य दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। बाढ़ ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक रूप से भी काफी नुकसान पहुंचाया है।
ग्रामीण इस समय आवाजाही के लिए छोटी नावों पर निर्भर हैं। इनमें से कई नाव पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं, जिससे हर पल दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के उदासीन रवैये से बेहद नाराज़ हैं और राहत कार्यों में तेजी की मांग कर रहे हैं।
इस मामले में सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र के राजद विधायक युसूफ सलाउद्दीन ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
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