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बिहार शिक्षक नियमावली 2023 के अनुसार बहाली की पूरी प्रक्रिया क्या है?

जो अभ्यर्थी आयोग द्वारा ली जानेवाली परीक्षा में सफल होंगे, उनकी मेरिट सूची तैयार होगी और इसी सूची के आधार पर बहाली होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने निर्धारित योग्यताएं जारी कर दी हैं।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
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राज्य में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की ज़िम्मेदारी शिक्षा विभाग ने बिहार लोक सेवा आयोग को दी है। इसके लिए आयोग जल्द से जल्द विज्ञापन निकालने की तैयारी में जुट गया है। राज्य में लगभग पौने दो लाख शिक्षक पदों को आयोग द्वारा ली जाने वाली परीक्षा के बाद भरा जाएगा। इन पदों में प्राथमिक शिक्षकों की संख्या 79,943, माध्यमिक शिक्षकों की संख्या 32,916 तथा उच्च माध्यमिक शिक्षकों की संख्या 57,618 हैं।

10 अप्रैल 2023 को कैबिनेट की बैठक हुई, और शिक्षकों की बहाली से संबंधित ‘बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई और सेवाशर्त) नियमावली-2023’ को मंज़ूरी दे दी गई। इस नियमावली को मंज़ूरी मिलने के बाद शिक्षक नियुक्ति की सभी पुरानी इकाईयां भंग हो गईं। नई नियमावली के अनुसार, अब शिक्षक राज्यकर्मी कहलाएंगे तथा इनको भी राज्यकर्मियों को मिलने वाली सारी सुविधाएं प्राप्त होंगी।

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बीपीएससी की इस परीक्षा की योग्यता

बिहार के स्थाई निवासी, जिन्होंने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद(एनसीटीई) द्वारा समय-समय पर निर्धारित शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक योग्यताएं हासिल कर रखी हैं तथा वे शिक्षक जोराज्य सरकार द्वारा ली जानेवाली शिक्षक पात्रता परीक्षा(टीईटी व एसटीईटी) व केन्द्र सरकार द्वारा ली जानेवाली परीक्षा(सी-टेट) में उत्तीर्ण हों। इसके अतिरिक्त विषय विशेष के लिए समय-समय पर विभाग द्वारा जारी विशेष अहर्ता रखते हों, तो वे सभी उम्मीदवार आयोग द्वारा ली जानेवाली इस परीक्षा में बैठने के योग्य हैं।


परीक्षा की रूप रेखा

शिक्षक बहाली के लिए होने जा रही 250 अंकों की इस परीक्षा में सारे सवाल बहु-विकल्पीय(MCQ) होंगे और नेगेटिव मार्किंग भी होगी। एक अभ्यर्थी इस परीक्ष में अधिकतम तीन बार ही बैठ सकता है। परीक्षा में पहला पेपर भाषा का होगा, जो सिर्फ क्वालीफाइंग प्रकृति का होगा, यानि इसका अंक परीक्षा परिणाम में नहीं जोड़ा जाएगा। इस परीक्षा के लिए 2 घंटे का समय मिलेगा। यह परीक्ष सभी अभ्यर्थियों (प्राथमिक से उच्च माध्यमिक) के लिए है। यह 100 अंकों की होगी, और इसमें पास करने के लिए 30 अंक लाना होगा। पेपर के पहले भाग में अंग्रेज़ी के 25 प्रश्न, दूसरे भाग में 75 प्रश्न हिंदी, उर्दू तथा बंग्ला विषयों में से किसी एक विषय से होंगे। परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए संयुक्त रूप से 30 अंक लाना होगा। भाषा से संबंधित 100 अंकों की इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी।

इस परीक्षा का दूसरा पेपर 150 अंकों का है, और मेधा सूची बनाते समय इस पेपर के अंकों को ध्यान में रखा जाएगा। प्राथमिक शिक्षकों के लिए इस पेपर में बुनियादी गणित, मेंटल एबिलिटी टेस्ट, सामान्य अध्ययन, सामान्य विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन, भूगोल तथा पर्यावरण से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। सामान्य अध्ययन के प्रश्न प्राथमिक विद्यालय के पाठ्यक्रम से संबंधित होंगे, परन्तु उसका मानक (स्टैंडर्ड) अभ्यर्थी की निर्धारित न्यूनतम योग्यता के अनुसार होगा।

माध्यमिक शिक्षकों के लिए भी 150 अंकों की परीक्षा को दो भागों मे बांटा गया है। पेपर का पहला भाग 100 अंकों का होगा। इसमें अभ्यर्थियों ने जिन विषयों का शिक्षक बनने के लिए आवेदन दिया है, उन्हीं विषयों के प्रश्न होंगे। इन विषयों में हिंदी, अंग्रेज़ी, बांगला, मैथिली, संस्कृत, उर्दू, भोजपुरी, अरबी, फारसी, विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान शामिल हैं।

परीक्षा पेपर के प्रश्न का आधार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का पाठ्यक्रम है, लेकिन इसका मानक (स्टैंडर्ड) अभ्यर्थी की निर्धारित न्यूनतम योग्यता के अनुसार होगा।

पेपर का दूसरा भाग 50 अंकों का होगा, जिसमें सामान्य अध्ययन के प्रश्न रहेंगे। इसमें बुनियादी गणित, सामान्य अध्ययन, सामान्य विज्ञान, भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन और भूगोल के प्रश्न शामिल हैं।

प्लस टू शिक्षक के लिए भी 150 अंकों को दो भागों मे बांटा गया है। पेपर का पहला भाग एक सौ अंकों का होगा। इसमें अभ्यर्थी जिन विषयों का शिक्षक बनने के लिए आवेदन दिए हैं, उन्हीं विषयों के प्रश्न होंगे। इन विषयों में हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी, संस्कृत, बांगला, मैथिली, मगही, अरबी, फ़ारसी, भोजपुरी, पाली, पराकृत, गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र, वनस्पति विज्ञान, जन्तु विज्ञान, इतिहास, राजनीति शास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र, मनोविज्ञान, दर्शन शास्त्र, गृह विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, वाणिज्य, लेखाशास्त्र (accountancy), संगीत और उद्यमशीलता (entrepreneurship) शामिल हैं।

इसमें भी पेपर के प्रश्न का आधार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का पाठ्यक्रम है, लेकिन इसका मानक(स्टैंडर्ड) अभ्यर्थी की निर्धारित न्यूनतम योग्यता के अनुसार होगा।

पेपर का दूसरा भाग 50 अंकों का होगा, जिसमें सामान्य अध्ययन के प्रश्न रहेंगे। इसमें बुनियादी गणित, सामान्य अध्ययन, सामान्य विज्ञान, भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन और भूगोल के प्रश्न शामिल हैं।

उपरोक्त परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 40%, पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 36.5%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 34% व अनुसूचित जाति/जनजाति, महिलाओं तथा निःशक्तता से ग्रस्त(दिव्यांग) अभ्यर्थियों को 32%, निर्धारित न्युनतम अहर्तांक प्राप्त करना अनिवार्य होगा, अन्यथा वे प्रतियोगिता परीक्षा से बाहर हो जाएंगे।

अगस्त में होगी परिक्षा

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक परीक्षा के लिए तिथियों की घोषणा कर दी है। आयोग ने परीक्षा कैलेंडर जारी कर बताया कि 19, 20, 26 और 27 अगस्त को आयोग की तरफ से परीक्षा ली जायेगी। कैलेंडर के अनुसार इस परीक्षा के ज़रिये 1,70,461 शिक्षक पदों को भरा जाएगा।

शिक्षक बनने के लिए न्यून्तम शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक अहर्ता-

जो अभ्यर्थी आयोग द्वारा ली जानेवाली परीक्षा में सफल होंगे, उनकी मेरिट सूची तैयार होगी और इसी सूची के आधार पर बहाली होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने निर्धारित योग्यताएं जारी कर दी हैं। प्राथमिक शिक्षकों के लिए न्यूनतम अहर्ता इंटरमीडियट+पात्रता परीक्षा (सीटेट/बिटेट)+प्रशिक्षण रखा गया है। इसी प्रकार, माध्यमिक शिक्षकों के लिए स्नातक+एसटीईटी+बीएड और उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए स्नातकोत्तर(पीजी)+एसटीईटी+बीएड न्यूनतम अहर्ता है। ऐसे शिक्षक, जो 2012 के पूर्व से नियोजित हैं, उनके लिए पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी नहीं है।

ज़िलावार शिक्षक पदों की रिक्तियां-

ज़िले का नाम कक्षा 1-5 के लिए कक्षा 9-10 के लिए कक्षा 11-12 के लिए
अररिया 1679 970 1646
अरवल 700 198 316
औरंगाबाद 2128 712 1287
बांका 1806 656 1144
बेगुसराय 2883 925 1555
भागलपूर 1979 926 1588
भोजपूर 1102 576 1347
बक्सर 1310 410 817
दरभंगा 5845 1343 2390
पूर्वी-चंपारण 2227 1794 3010
गया 3393 1290 2300
गोपालगंज 1378 966 1658
जमुई 1280 647 1155
जहानाबाद 525 256 534
कैमूर 1536 653 1073
कटिहार 2708 959 1791
खगड़िया 2627 499 864
किशनगंज 1333 506 1026
लखीसराय 883 254 676
मधेपुरा 3179 731 1165
मधुबनी 831 1638 2662
मुंगेर 1130 279 616
मुज़फ्फरपूर 4683 1577 2719
नालंदा 1275 783 1402
नवादा 1015 694 1274
पटना 2486 1166 1958
पूर्णियां 4053 1060 1854
रोहतास 1093 759 1523
समस्तीपूर 7459 1724 2800
सारण 1735 1170 2183
शेखपूरा 1355 165 332
सहरसा 2090 670 1093
शिवहर 302 226 392
सीतामढ़ी 1027 1203 1638
सीवान 1302 1156 2016
सुपौल 1984 819 1285
वैशाली 1323 1109 2089
पश्चिमी चंपारण 4299 1447 2440
कुल 79943 32916 57618

आरक्षण

राज्य सरकार के अधीन सीधी नियुक्तों में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा लागू आरक्षण का प्रावधान शिक्षक बहाली में भी प्रभावी होगा। लेकिन, प्राथमिक व मध्य विद्यालय के मूल कोटि व स्नातक कोटि के विद्यालय अध्यापक के पदों पर प्रत्येक विषय में न्यूनतम 50 फीसद सीटों पर महिला अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी।

वेतनमान

नई नियमावली के तहत बहाल शिक्षक राज्यकर्मी कहलाएंगे। शिक्षकों को भी सरकारी कर्मचारी के अनुसार मूल वेतन के साथ ही महंगाई भत्ता, एचआरए, सीटीए और मेडिकल जैसी अन्य सुविधाओं का लाभ दिया जायेगा। कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों को प्रतिमाह 40630 रुपये, 6 से 8 तक के शिक्षकों को 45130 रुपये, कक्षा 9 से 10 तक के शिक्षकों को 49630 और कक्षा 11 से 12 तक के शिक्षकों को 51130 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।

नए नियमावली के मुताबिक, शिक्षकों के लिए तैयार नए वेतनमान को चार श्रेणियों में बांटा गया है। शिक्षा विभाग से जारी सैलरी स्लैब में 1-5 वर्ग तक के अध्यापक का प्रारंभिक मूल वेतन 25000 रुपये और 6-8 वर्ग तक के अध्यापक का प्रारंभिक मूल वेतन 28000 रुपये है। अलग अलग श्रेणियों के अनुसार वर्ग 9-10 तक के शिक्षकों को प्रारंभिक मूल वेतन के रूप में 31000 रुपये और 11-12 वर्ग तक के अध्यापकों को 32000 रुपये मिलेंगे।

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नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

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