बिहार की किशनगंज पुलिस ने बिशनपुर थाना क्षेत्र में 42 वर्षीय रिजवान आलम की हत्या के मामले को सुलझाने का दावा किया है। हत्याकांड के 36 घंटों के भीतर पुलिस ने उद्भेदन करते हुए मृतक रिजवान की पत्नी और उसके दोस्त को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। किशनगंज पुलिस के प्रेस रिलीज से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पत्नी डेजी परवीन और उसके सहयोगी अनवर हुसैन ने पुलिस के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
पुलिस की मानें, तो दोनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से बिशनपुर वार्ड संख्या-6 निवासी रिज़वान आलम की हत्या कर घटना को चोरी का रूप देने का प्रयास किया। 4 जुलाई 2026 को मृतक के पिता 69 वर्षीय नजीर आलम के बयान के आधार पर बिशनपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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ससुर ने बहु पर जताया था शक
अपने बयान में नज़ीर आलम ने बताया कि उनका पुत्र रिज़वान आलम बिशनपुर वार्ड संख्या-6 में अपने निजी मकान में पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। 4 जुलाई की सुबह उन्हें सूचना मिली कि रिजवान की उसके कमरे में हत्या कर दी गई है और उसका शव बिस्तर पर पड़ा है। घटना के समय मृतक की पत्नी डेजी परवीन और उनकी छोटी पोती भी उसी बिस्तर पर सोई हुई थीं। नज़ीर आलम ने अपनी बहू के व्यवहार को संदिग्ध बताते हुए उस पर अन्य लोगों के साथ मिलकर रिज़वान की हत्या कराने का संदेह जताया था।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, साक्ष्य जुटाए और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम ने भी मौके की जांच की। पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी डेजी परवीन का व्यवहार संदिग्ध पाया गया। वह लगातार यह दावा करती रही कि घर में चोरी हुई थी और अज्ञात चोरों ने उसके पति की हत्या कर दी। हालांकि, जांच के दौरान जिन सोने-चांदी के आभूषणों का चोरी होना बताया गया था, वे घर की अलमारी में ही सुरक्षित मिले।
कई वर्ष विदेश में रहा मृतक रिज़वान
यहाँ से पुलिस का शक बढ़ा और आगे जांच में यह सामने आया कि 33 वर्षीय डेजी परवीन लगातार अनवर हुसैन नामक एक 24 वर्षीय युवक के संपर्क में थी। इसके बाद पुलिस ने अनवर हुसैन से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अनवर ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया कि वह करीब नौ वर्षों से डेजी परवीन को जानता था। दोनों की पहचान उस समय हुई थी जब अनवर नौवीं कक्षा में पढ़ाई के लिए बिशनपुर में लॉज में रहता था।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, अनवर ने बताया कि रिजवान आलम विदेश में, विशेष रूप से कुवैत में, काम करता था और समय-समय पर घर आता था। इस बार उसे दोनों की आपसी पहचान की जानकारी हो गई थी इसलिए उसने विदेश वापस न जाने का निर्णय लिया था। अनवर ने पूछताछ में आगे बताया कि डेजी और उसने मिलकर रिजवान आलम की हत्या की योजना बनाई।
घटना वाली रात अनवर ने एक अलग मोबाइल फोन से डेजी परवीन से संपर्क किया। डेजी ने उसे बताया कि उसका पति सो चुका है और घर आने के लिए कहा। इसके बाद अनवर लोहे का रॉड लेकर घर पहुंचा, दीवार फांदकर दूसरी मंजिल पर गया और डेजी से संकेत मिलने के बाद सो रहे रिजवान आलम के सिर पर लोहे के राॅड से वार किया।
घटना के बाद डेज़ी परवीन ने अपने और मृतक पति के मोबाइल फोन अनवर को दे दिए ताकि उन्हें कहीं फेंककर घटना को चोरी के दौरान हुई हत्या जैसा दिखाया जा सके। अनवर ने पूछताछ में बताया कि उसने हत्या में इस्तेमाल किये गए लोहे के रॉड को नदी में फेंक दिया और दो मोबाइल फोन बांसबाड़ी में जमीन के भीतर गाड़ दिए। पुलिस ने नदी से लोहे का राॅड और बांसबाड़ी से मृतक और उसकी पत्नी के मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं।
किशनगंज पुलिस का कहना है कि मामले के अन्य पहलुओं पर वैज्ञानिक साक्ष्य जमा किये जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस इसे प्रेम प्रसंग का मामला न कहकर दोस्त के साथ मिलकर की गई हत्या मानते हुए, जांच समाप्त होने पर ही किसी परिणाम पर पहुंचने की बात कर रही है।
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