बिहार सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के अंतर्गत किशनगंज जलापूर्ति परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इस परियोजना पर कुल ₹53 करोड़ 71 लाख 47 हजार 500 की राशि खर्च की जाएगी।
मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद अब परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज होगी। सरकार का उद्देश्य किशनगंज शहर के नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है, ताकि तेजी से बढ़ती आबादी की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
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नई जलापूर्ति परियोजना के माध्यम से शहर की मौजूदा जल वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके तहत नई तकनीक आधारित संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे पानी की उपलब्धता और वितरण दोनों में सुधार होगा।
अमृत 2.0 मिशन का उद्देश्य
केंद्र सरकार द्वारा संचालित AMRUT 2.0 मिशन का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है। इसके तहत जलापूर्ति, सीवरेज, हरित क्षेत्र और शहरी आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बिहार सरकार इस मिशन के अंतर्गत विभिन्न शहरों में पेयजल और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं को लागू कर रही है। किशनगंज जलापूर्ति परियोजना भी इसी व्यापक योजना का हिस्सा है।
परियोजना के पूरा होने के बाद किशनगंज शहर के हजारों परिवारों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
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