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किशनगंज ईदगाह विवाद: किसने फैलाई बिहार बनाम बंगाल की अफवाह?

वीडियो में हाथों में बांस लिए कुछ लोग देखे जा सकते हैं। पनासी ईदगाह बिहार-बंगाल के बॉर्डर पर स्थित है जहां दोनों राज्यों के लोग हर वर्ष बड़ी संख्या में ईद की नमाज़ अदा करने आते हैं।

shah faisal main media correspondent Reported By Shah Faisal |
Published On :
kishanganj idgah dispute who spread the rumour of bihar vs bengal

बिहार के किशनगंज जिले के पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत पनासी ईदगाह में ईद की नमाज़ के बाद विवाद का एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में हाथों में बांस लिए कुछ लोग देखे जा सकते हैं। पनासी ईदगाह बिहार-बंगाल के बॉर्डर पर स्थित है जहां दोनों राज्यों के लोग हर वर्ष बड़ी संख्या में ईद की नमाज़ अदा करने आते हैं।


जगह की कमी के चलते ईद और बकरीद की नमाज़ के लिए पहले से तय समय पर दो जमातें आयोजित की जाती हैं,ताकि लोग अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी जमात में शामिल हो सकें। 31 मार्च को भी यही व्यवस्था लागू थी।

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स्थानीय लोगों ने बताया कि पहली जमात की नमाज़ समाप्त होने वाली थी और दूसरी जमात के लिए लोग जुटने लगे थे। इसी दौरान, भीड़ में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई और जल्द ही माहौल गर्म हो गया। कुछ लोगों ने आसपास रखे बांस उठा लिए, लेकिन मौके पर मौजूद बिहार पुलिस के जवानों और स्थानीय जिम्मेदारों ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, तब तक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था और कुछ न्यूज़ चैनलों ने इसे प्रसारित भी कर दिया।


सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर इस घटना को दो गुटों के भिड़ंत के तौर पर दिखाया गया। कहा गया कि बंगाल और बिहार के लोगों के बीच ईदगाह में नमाज़ पढ़ने के लेकर विवाद हुआ जो देखते देखते बड़ी हिंसा में तब्दील हो गया। मामले की अगली सुबह दो जमातों में नमाज़ पढ़ने वालों ने ईदगाह में बैठक कर स्पष्ट किया कि यह दो गुटों की लड़ाई का मामला नहीं था बल्कि कुछ युवकों के बीच हुई कहासुनी थी जिसमें उनके परिवार के कुछ सदस्य भी शामिल हो गए थे। बाकी लोग माहौल को शांत कराने की कोशिश कर रहे थे और मामला मुश्किल से आधे घंटे में शांत हो गया, जिसके बाद दूसरी जमात ने भी शांति पूर्ण रूप से ईद की नमाज़ अदा की।

स्थानीय लोगों की मानें तो यह पश्चिम बंगाल और बिहार के लोगों का विवाद नहीं था। दोनों जमातों में बिहार और पश्चिम बंगाल के लोग सम्मिलित होकर नमाज़ पढ़ते हैं। यह परंपरा वर्षों से चलती आई है और इसको लेकर कभी कोई विवाद नहीं हुआ।

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Shah Faisal is using alternative media to bring attention to problems faced by people in rural Bihar. He is also a part of Change Chitra program run by Video Volunteers and US Embassy. ‘Open Defecation Failure’, a documentary made by Faisal’s team brought forth the harsh truth of Prime Minister Narendra Modi’s dream project – Swacch Bharat Mission.

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