बिहार चुनाव को लेकर सीट शेयरिंग के मामले पर एनडीए और महागठबंधन दोनों में उथल—पुथल जारी है। एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर दिल्ली में अमित शाह और जेपी नड्डा के बीच बातचीत जारी है। वहीं महागठबंधन के घटक दल कांग्रस की भी मिटिंग दिल्ली में हो रही है।

दिल्ली में हो रहे कांग्रेस स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक हो रही है जिसमें सभी नेता मौजूद हैं। दिल्ली में यह बैठक बिहार चुनाव के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के नेतृत्व में हो रही है। बैठक में अविनाश पांडे, अजय कपूर, मदन मोहन झा, सदानंद सिंह जेसे बिहार कांग्रेस के नेता मौजूद हैं।

बताया जा रहा है कि इस बैठक में बिहार चुनाव में कांग्रेस के अकेले या महागठबंधन में रहकर चुनाव लड़ने को लेकर फैसला लिया जा सकता है। इस मीटिंग से पहले मीडिया को दिए अपने बयान में कांग्रेस के बिहार चुनाव प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने यह साफ संकेत दिए थे कि बिहार में कांग्रेस अकेले भी उतर सकती है। उन्होंने कहा कि जो भी एक विचार से जुड़ी पार्टियां हैं उन्हें एकसाथ आना चाहिए। उन्होंने आरजेडी की ओर से आए एक बयान को लेकर कहा कि कैमरे पर यह बात नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर कोई तोड़ना चाहती है तो हमारे पास भी दूसरा ऑप्शन है। उन्होंने कहा कि आरजेडी ओर हमारा अच्छा गठबंधन है। जब हमारा गठबंधन टूटा था तो ज्यादा नुकसान आरजेडी को हुआ था। उन्होंने इशारों में आरोप लगाया कि महागठबंधन को तोड़ने और आरजेडी पर दबाव बनाने का काम बीजेपी कर रही है।

उनके इस बयान को अगर कुशवाहा के उस बयान से जोड़ें तो साफ लगता हैं कि आरजेडी और बीजेपी के बीच भी पीछे खुल खेल चल रहा है। हालांकि इस बारे में कोई ठोस बातें सामने नहीं है। कांग्रेस की इस मीटिंग मे क्या फैसला होगा? क्या कांग्रेस बिहार में अकेले लड़ेगी? इन बातों को लेकर अभी कयास ही लगाए जा सकते हैं।