बिहार के हर गांव में अगले 6 महीने में हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इस बात की घोषणा आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की। पीएम मोदी ने आज बिहार को सौगातों की पांचवी किस्त दी। इस दौरान उन्होंने बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई बड़े पैकजों का एलान किया। उन्होंने कहा कि देश के सभी गांवों को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर सरकार कदम उठा रही है।

पीएम ने बताया कि बिहार से इस योजना की शुरूआत हो रही है। इसके तहत एक हजार दिनों में देश के 6 लाख गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में 46 हजार गांवों को हाई स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए 640 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और मार्च 2021 तक इस योजना को पूरा कर लिया जाएगा। आज अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि नीतीश जी के सुशासन बिहार में इस योजना पर तेजी से काम जारी है। उन्होंने कहा कि भारत के गांव में इंटरनेट का उपयोग करने वालों की संख्या शहरी लोगों से ज्यादा हो जाएगी। यह कुछ साल पहले तक सोचना मुश्किल था।

पीएम ने कहा कि लोग पहले इस बात पर सवाल उठाते थे कि गांव की महिलाएं, किसान और युवा इतनी आसानी से इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे। लेकिन, ये सारी स्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वाले दुनिया के सबसे अग्रणी देशों में शामिल है।

अगस्त के आंकड़ों को देखें तो इस दौरान लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन यूपीआई के माध्यम से हुआ। कोरोना के समय इससे लोगों को बहुत मदद मिली। इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ने के साथ-साथ अब ये भी जरूरी है कि देश के गांव में अच्छी क्वालिटी और तेज रफ्तार वाला इंटरनेट हो।

मोदी ने कहा कि पहले रेलवे का टिकट लेने के लिए गांव से शहर जाना पड़ता था। आज अपने ही गांव में कॉमन सर्विस सेंटर से लोग टिकट ले पाते हैं। यह सब इंटरनेट की वजह से हुआ है। हमारे किसानों को भी इसका बहुत लाभ मिलेगा। इससे किसानों को खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीक, नई फसल, नई बीज और बदलते मौसम की जानकारी रियल टाइम में मिलना संभव हो जाएगा। अपने व्यापार और कारोबार को पूरे देश और दुनिया में पहुंचाने में सुविधा होगी।