कड़ाके की ठंड में घुटने तक पानी से गुजरते लोगों की ये तस्वीरें बिहार के सहरसा जिले की हैं। ज़िले के नौहट्टा प्रखंड स्थित हाटी घाट पर स्थानीय लोग वर्षों से एक पुल की मांग कर रहे हैं जिसके लिए अब तक कोई प्रशासनिक पहल नहीं की गई है। जन प्रतिनिधियों और सरकार की उदासीनता से निराश ग्रामीणों ने आपसी चंदे से डेढ़ किलोमीटर लंबा यह चचरी पुल बनाया है।
करीब 10 लाख रुपये की लागत से बने इस चचरी पुल से ग्रामीणों को पास के बाज़ार व प्रखंड मुख्यालय जाने में मदद मिलेगी। बरसात के दिनों में कोसी धार के हाटी घाट पर हर साल चचरी का पुल ध्वस्त हो जाता है जिससे ग्रामीणों को नाव के सहारे रहना पड़ता है। क्षेत्र के लोग जन प्रतिनिधियों के अधूरे वादों से आहत हैं और आगामी विधानसभा चुनावों में वोट न डालने का मन बनाए हुए हैं।
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नौहट्टा प्रखंड की हाटी पंचायत का यह घाट दर्जनों गांवों को प्रखंड और जिला मुख्यालय से जोड़ता है। स्थानीय लोगों को छोटे मोटे कामों के लिए भी हाटी घाट को पार करना पड़ता है। बच्चों को स्कूल और बीमारों को अस्पताल ले जाने में सबसे अधिक कठिनाई होती है। चिकित्सा सुविधा न होने के कारण अधिकतर ग्रामीण झोला छाप डॉक्टरों से इलाज कराने पर मजबूर हैं।
इस मामले को लेकर हमने स्थानीय जदयू विधायक गुंजेश्वर शाह से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन कई बार फ़ोन बजने के बावजूद उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
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