बीते दिनों सोशल मीडिया पर बिहार के सीमांचल से दुबई काम करने गए कुछ लोगों का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में कुछ नौजवान सड़क पर बैठे रोते हुए कहते हैं कि उनके एजेंट ने उन्हें काम से निकाल दिया है और सड़क पर रहने पर मजबूर कर दिया है।
इनमें से 4 नौजवान किशनगंज जिलान्तर्गत मिर्चानटोला के निवासी हैं जबकि बाकी तीन लड़के पूर्णिया ज़िले के मीरगंज गांव के हैं। सभी लड़के 4 अगस्त 2026 को दुबई की एक कंपनी में काम करने गए थे। उनके अनुसार उनके ट्रेवल एजेंट ने जो काम बताकर उन्हें दुबई भेजा था, वह काम वैसा नहीं था जबकि मेहनताना भी बताई गई वेतन से कम था।
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मामले को समझने ‘मैं मीडिया’ की टीम किशनगंज के कोचाधामन में रब्बान, सलमान, अबू अज़हर और नासिर के गांव मिर्चानटोला और पूर्णिया ज़िले के अमौर विधानसभा क्षेत्र के मीरगंज गांव पहुँची। परिजनों ने बताया कि रौटा मार्केट में एक ट्रेवल एजेंसी के मालिक नाहिद ग़नी ने मोज़ा फैक्ट्री में उन्हें नौकरी का वादा किया था लेकिन पैसे जमा करने के बाद उन्होंने जहाज़ बनाने वाली कंपनी में काम लगवा दिया। लड़कों को जो काम बताया गया था उन्हें उससे कहीं अधिक कठिन काम मिला जिससे नाराज़ होकर सभी सात लड़कों ने काम करने से मना कर दिया।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने ट्रेवल एजेंट को कमोबेश सवा लाख रुपये दिए लेकिन अब वो पैसा डूबता नज़र आ रहा है। कई परिवारों ने क़र्ज़ लेकर और जेवर बंधक रख कर पैसों का इंतज़ाम किया था।
दुबई में फंसे लड़कों से जब मैं मीडिया ने बात की तो उन्होंने बताया कि उन्हें चिलचिलाती धूप में कम तनख्वाह पर काम करने को कहा गया। मना करने पर उन्हें किसी होटल में भेज दिया गया। कई दिनों तक वे अपने खर्च पर वहां रहे। हालांकि मामला तूल पकड़ने के बाद 21 अगस्त से उनके होटल और खाने पीने का खर्च फ्री कर दिया गया है।
इस मामले का जब वीडियो वायरल हुआ तो कोचाधामन के पूर्व विधायक राजद नेता मुजाहिद आलम ने इस मुद्दे को उठाया। वह इस मामले को मानव तस्करी बताकर ट्रेवल एजेंसी के मालिक और AIMIM नेता नाहिद गनी पर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
‘मैं मीडिया’ के सवालों के जवाब में ट्रेवल एजेंट नाहिद गनी ने कहा कि मामले को सियासी रंग देने की कोशिश की जा रही है। लड़कों को किसी ने दूसरी कंपनी में काम के लिए ज़्यादा पैसे का लालच दिया है जिसके कारण उन्होंने दो दिन में ही काम करना छोड़ दिया और सोशल मीडिया पर उनके विरुद्ध वीडियो बनाने लगे।
नाहिद गनी ने हमें नाज़िश और शमशाद के हस्ताक्षर वाले दो एग्रीमेंट पेपर दिखाये जिसमें लिखा था कि वे दोनों दूसरी कंपनी में काम करने के लिए तैयार हैं। हालांकि मैं मीडिया के साथ बातचीत में नाज़िश ने कहा कि उनसे डरा धमकाकर जबरन एग्रीमेंट पेपर पर दस्तखत करवाये गये थे।
शनिवार 22 अगस्त को ट्रेवल एजेंट नाहिद गनी ने ‘मैं मीडिया’ से बताया कि उन्होंने सभी सात लड़कों को दुबई से भारत लौटने के लिए टिकट बनाकर दिया है। उन्होंने टिकट का पीडीएफ भी साझा किया। इसकी पुष्टि दुबई में फंसे लड़कों ने भी और बताया की सभी के पासपोर्ट भी लौटा दिए गए।
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