Main Media

Get Latest Hindi News (हिंदी न्यूज़), Hindi Samachar

Support Us

कटिहार में गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का कहर

कटिहार जिले के कुरसेला, मनिहारी, अमदाबाद और बरारी प्रखंड की कई पंचायतों में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि ने तबाही मचा दी है।

shadab alam Reported By Shadab Alam |
Published On :
flood havoc in katihar due to rising water level of ganga and kosi

कटिहार जिले के कुरसेला, मनिहारी, अमदाबाद और बरारी प्रखंड की कई पंचायतों में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि ने तबाही मचा दी है। बाढ़ का पानी गांवों में प्रवेश कर गया है, जिससे स्थानीय लोग घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं। गंगा का जलस्तर कुरसेला प्रखंड में खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, और लोगों के बीच खाने-पीने की समस्या गंभीर हो गई है।


बाढ़ की विभीषिका इतनी बढ़ गई है कि कई सरकारी स्कूलों में भी पानी घुस चुका है, जिससे स्कूलों में पठन-पाठन बंद हो गया है। कुछ स्कूलों के बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया गया है ताकि उनकी पढ़ाई जारी रह सके। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी पानी घुस जाने से बच्चों की देखभाल और पोषण कार्यक्रमों पर बुरा असर पड़ा है।

Also Read Story

“मखाना की फसल में कीड़ा लग जाता है, पत्ता गल जाता है”

क्या नीलगाय-किसान का संघर्ष बदल रहा बिहार का क्रॉप पैटर्न?

मोल का पानी, मुफ़्त का ज़हर: अररिया की मांस फ़ैक्ट्रियों का जलवायु सच

बिहार में लू का कहर: बढ़ता तापमान, उलझे आंकड़े और अधूरी तैयारी

क्यों सूख रहा है मिथिलांचल का भू-जल?

बिहार के पूर्वी चंपारण में क्यों कम हो रही गन्ने की पैदावार?

सुपौल में क्यों घट रही जूट की खेती?

कोसी कटान में उजड़े आशियाने, दशकों से पुनर्वास के इंतज़ार में बाढ़ विस्थापित

बिहार में दलहन की खेती पर जलवायु परिवर्तन का कैसा असर?

कुरसेला प्रखंड और नगर पंचायत के पचखूंटी, बाघमारा, मलिनिया, बल्थी महेशपुर, मिर्जापुर, गोबराही दियारा, पत्थर टोला, खेरिया, कुर्सेला बस्ती, तीनघरिया, मजदिया, कमलाकान्ही, मधेली और चाय टोला जैसे गांवों में बाढ़ का पानी हजारों घरों में प्रवेश कर चुका है। लोग मचान या चौकी पर खाना बनाकर किसी तरह अपनी जिंदगी बचाने की कोशिश कर रहे हैं। बाढ़ से गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह से कट चुका है और नाव ही एकमात्र सहारा बन गई है।


कुर्सेला में बाढ़ के विकराल रूप को देखते हुए लोगों ने ऊंचे स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी राहत का अब तक इंतजार है, जबकि लोगों की समस्याएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। खाने-पीने की किल्लत और सुरक्षित स्थानों की कमी से लोग परेशान हैं।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

सय्यद शादाब आलम बिहार के कटिहार ज़िले से पत्रकार हैं।

Related News

लीची पर फ्लाई ऐश की मार, मशरूम बना मुजफ्फरपुर के किसानों का सहारा

किशनगंज में मक्के की खेती कैसे बन रही है मानव-हाथी संघर्ष की वजह?

रामसर दर्जा मिलने से बिहार के वेटलैंड्स की स्थिति में क्या बदलाव आया है?

हर साल ग्रीन बजट लाने वाला बिहार आंकड़ों में कितना ‘ग्रीन’ है?

जलवायु संकट की मार झेलते बिहार के किसान, प्री-मानसून ओलावृष्टि से तबाह खरीफ फसल

नाव, नदी और नसीब: कोसी के गांवों में मातृत्व की अधूरी कहानियाँ

चरम मौसमी घटनाएं रोक रही बच्चों की शिक्षा की रफ्तार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

VB-G RAM G: लागू होने से पहले ही क्या नया कानून मनरेगा मज़दूरों का हक़ छीन रहा?

बिहार के नवादा में अतहर की मॉब लिंचिंग के डेढ़ महीने बाद भी न मुआवज़ा मिला, न सबूत जुटे

बिहार चुनाव के बीच कोसी की बाढ़ से बेबस सहरसा के गाँव

किशनगंज शहर की सड़कों पर गड्ढों से बढ़ रही दुर्घटनाएं

किशनगंज विधायक के घर से सटे इस गांव में अब तक नहीं बनी सड़क