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कोसी की समस्याओं को लेकर सुपौल से पटना तक निकाली गई पदयात्रा

सहरसा में बाढ़ राहत राशि वितरण में धांधली का आरोप, समाहरणालय के बाहर प्रदर्शन

पूर्णिया : महानंदा नदी के कटाव से सहमे लोग, प्रशासन से कर रहे रोकथाम की मांग

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किशनगंज: रमज़ान नदी का जलस्तर बढ़ा, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

किशनगंज शहर के धर्मगंज, हॉस्पिटल रोड, रुईधासा, धोबी पट्टी और कजलामनी जैसे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। गृहिणी निरमा देवी ने बताया कि उनके घर में काफी पानी आ चुका है जिस कारण घर का सामान भीग चुका है और खाने पीने की कुछ व्यवस्था नहीं हो पा रही है।

सुपौल- बाढ़ पीड़ितों को पुनर्वासित करने को लेकर ‘कोशी नव निर्माण मंच’ का धरना

मंच ने अपनी 17 मांगों को लेकर इस धरना प्रदर्शन का आयोजन किया था। प्रदर्शन के बाद मंच ने डीएम के उपस्थित नहीं रहने की स्थिति में अंचल पदाधिकारी को अपना मांग पत्र सौंपा।

सहरसा के नौहट्टा में आधा दर्जन से अधिक पंचायत बाढ़ की चपेट में

बाढ़ का पानी लोगों के मिट्टी के चूल्हों में घुस गया है, जिससे महिलाओं को खाने बनाने में काफी दिक्कत हो रही है। हर साल लोगों को अपना आशियाना छोड़ कर दूसरी जगह पलायन करना पड़ता है।

Araria News: बरसात में झील में तब्दील स्कूल कैंपस, विभागीय कार्रवाई का इंतज़ार

पानी में मोहल्ले का कूड़ा करकट रहता है जिससे बीमारी फैलने का खतरा रहता है। उन्होंने आगे कहा कि इस बात की जानकारी प्रशासन को दी गई थी, जिसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने खुद आकर स्कूल कैंपस में मिट्टी भरवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस पर कार्यवाई नहीं हुई।

‘हमारी किस्मत हराएल कोसी धार में, हम त मारे छी मुक्का आपन कपार में’

कोसी बराज से 4 लाख 62 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण व्यथा का यह गीत लोगों की जुबां पर फिर से आ गया है। बराज से पानी छोड़े जाने से कोसी दियारा क्षेत्र में बाढ़ की प्रबल आशंका बन गई है। कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

पूर्णिया: बारिश का पानी घर में घुसने से पांच माह की बच्ची की मौत

स्थानीय लोगों ने बताया कि मुसलाधार बारिश से सैकड़ों लोगों के घरों में पानी घुस गया है। पानी का निकास नहीं होने से इलाके में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जलजमाव से ही पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती तो यह हादसा टल सकता था।

टेढ़ागाछ: घनिफुलसरा से चैनपुर महादलित टोला जाने वाली सड़क का कलवर्ट ध्वस्त

लोगों का कहना है कि यहाँ तक कि आपदा की घड़ी में भी यहाँ के सांसद या विधायक अवाम की समस्या से रूबरू नहीं होना चाहते हैं।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द निर्माणाधीन सड़क की मरम्मत करने की गुहार लगाई है।

कटिहार: महानंदा नदी में नाव पलटने से महिला की स्थिति गंभीर

नाव पर कई शिक्षक भी सवार थे। नाव के पलटने से स्कूल की चाबी, लोगों का मोबाइल और बाकी सामान भी पानी में डूब गया। स्थानीय लोगों की मदद से कई महिलाओं और बच्चों को बचाया गया। नाव में सवार सभी यात्रियों को सफलतापूर्वक नदी से निकाल लिया गया है।

पूर्णिया: सौरा नदी में नहाने गया छात्र डूबा, 24 घंटे बाद भी कोई सुराग़ नहीं

बीती शाम पूर्णिया के सदर थाना क्षेत्र के सिटी काली मंदिर के पास सौरा नदी में दोस्त के साथ नहाने गया एक 20 वर्षीय छात्र डूब गया। 24 घंटे बीतने को है लेकिन अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला है। घटना मंगलवार शाम की है। छात्र रामनगर पोलटेक्निक चौक निवासी रविशंकर ठाकुर का पुत्र आदित्य मोहन ठाकुर है।

कटिहार के कदवा में महानंदा नदी में समाया कई परिवारों का आशियाना

कटिहार जिले के कदवा प्रखंड में महानंदा नदी हर साल की तरह इस साल भी धीरे धीरे विकराल रूप धारण कर रही है। निचले क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से प्रखंड की कई पंचायतों में भय का माहौल है। कुछ क्षेत्रों में कटाव तेजी से हो रहा है।

बरसात में गाँव बन जाती है झील, पानी निकासी न होने से ग्रामीण परेशान

सरस्वती गांव पोठिया प्रखंड की गोरूखाल पंचायत अंतर्गत आता है। जलजमाव की स्थिति पर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मो. सोहराब आलम कहते हैं कि यह समस्य इस साल ही उत्पन्न हुई है। पिछले साल तक लोगों का घर गांव में ही था। जल निकासी का इंतजाम ठीक-ठाक था।

डूबता बचपन-बढ़ता पानी, हर साल सीमांचल की यही कहानी

पूरे सीमांचल सहित अररिया में बरसात के दिनों में नदियां उफनने लगती हैं, जिसके परिणामस्वरूप नदी के आसपास के इलाके व निचले इलाकों के रिहायशी क्षेत्रों में बाढ़ का पानी आ जाता है। अररिया के कोशकीपुर, झमटा, महिषाकोल सहित कई इलाकों में बाढ़ के पानी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है।

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