Main Media

Seemanchal News, Kishanganj News, Katihar News, Araria News, Purnea News in Hindi

Support Us

पश्चिम बंगाल: स्कूल में पहली मंज़िल बना दिया पर ऊपर चढ़ने को सीढ़ी नहीं

नन्हें बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से ये स्कूल कई और मानकों में फिसड्डी है। स्कूल से सटा ठीक सामने तालाब है। उसी तालाब के ऊपर स्कूल का चापाकल है।

Tanzil Asif is founder and CEO of Main Media Reported By Tanzil Asif |
Published On :

यह पश्चिम बंगाल का एक प्राइमरी स्कूल है। उत्तर दिनाजपुर जिला अंतर्गत चाकुलिया सर्किल का कासुर फ्री प्राइमरी स्कूल वैसे तो करीब 40 साल पुराना है। लेकिन, कुछ साल पहले राज्य सरकार के अधिकारियों को ये एहसास हुआ कि स्कूल में कमरों की कमी है। विद्यालय के पास प्रयाप्त ज़मीन नहीं होने के कारण पुरानी बिल्डिंग के ऊपर ही कमरे बनाए गए, लेकिन ऊपर की मंज़िल तक जाने के लिए सीढ़ी नहीं बनाई गई। इन नए कमरों के बने एक सालभर से ऊपर हो गया है, लेकिन सीढ़ी का अता-पता नहीं। अब ग्रामीण पूछ रहे हैं कि बच्चे ऊपर जाएंगे कैसे, क्या सरकार उन्हें हेलीकॉप्टर के सहारे ऊपर ले जाएगी?

नन्हें बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से ये स्कूल कई और मानकों में फिसड्डी है। स्कूल से सटा ठीक सामने तालाब है। उसी तालाब के ऊपर स्कूल का चापाकल है और स्कूल में कोई चारदीवारी भी नहीं है।

Also Read Story

STET-2024 परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ी

पश्चिम बंगाल SLST परीक्षा: मदरसा सेवा आयोग ने 12,544 आवेदन रद्द किये, वजह जान लीजिए

बिहार में नियोजित शिक्षकों की सक्षमता परीक्षा सोमवार से शुरू

बिहार के दर्जन भर से अधिक डीईओ का तबादला, मोतिउर रहमान बने किशनगंज के डीईओ

स्कूल की टाइमिंग और केके पाठक को लेकर विधानसभा में गुरूवार को भी विपक्ष का हंगामा

बिहार के कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई बंद, सिर्फ प्लस टू स्कूलों में होगी इंटर की पढ़ाई

BPSC द्वारा बहाल होंगे प्रारंभिक स्कूलों के हेडमास्टर, विभाग ने बनायी नई नियमावली

शिक्षकों को बच्चों से 15 मिनट पहले स्कूल आना पड़ेगा: नीतीश कुमार

बिहार में सरकारी स्कूलों का समय बदला, अब 10-4 होगी पढ़ाई

दूसरी तरफ स्कूल के प्रिंसिपल मुसव्विर अहमद का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान यह काम हुआ था। लगभग एक साल से ऊपर से कमरे बनकर तैयार हैं, लेकिन सीढ़ी नहीं बनी है, इसकी शिकायत विभाग में भी की गई है, उन्होंने जल्द सीढ़ी बनाने की बात कही है।


 

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

तंजील आसिफ एक मल्टीमीडिया पत्रकार-सह-उद्यमी हैं। वह 'मैं मीडिया' के संस्थापक और सीईओ हैं। समय-समय पर अन्य प्रकाशनों के लिए भी सीमांचल से ख़बरें लिखते रहे हैं। उनकी ख़बरें The Wire, The Quint, Outlook Magazine, Two Circles, the Milli Gazette आदि में छप चुकी हैं। तंज़ील एक Josh Talks स्पीकर, एक इंजीनियर और एक पार्ट टाइम कवि भी हैं। उन्होंने दिल्ली के भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से मीडिया की पढ़ाई और जामिआ मिलिया इस्लामिआ से B.Tech की पढ़ाई की है।

Related News

डोमिसाइल के लिये मुख्यमंत्री के पास कई बार गये, लेकिन उन्होंने डोमिसाइल नीति को निरस्त कर दिया: पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर

9 से 5 बजे तक स्कूल ठीक नहीं है, आज ही सुधार करवाते हैं: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

केके पाठक का नया आदेश, स्कूलों में 31 मार्च तक सभी छुट्टियां रद्द

केके पाठक का सख़्त आदेश, लंबे समय से स्कूल नहीं आने वाले शिक्षक होंगे नौकरी से बर्ख़ास्त

CTET परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट

सक्षमता परीक्षा में पास करने के लिये नियोजित शिक्षकों को मिलेंगे पांच मौक़े

सक्षमता परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

क़र्ज़, जुआ या गरीबी: कटिहार में एक पिता ने अपने तीनों बच्चों को क्यों जला कर मार डाला

त्रिपुरा से सिलीगुड़ी आये शेर ‘अकबर’ और शेरनी ‘सीता’ की ‘जोड़ी’ पर विवाद, हाईकोर्ट पहुंचा विश्व हिंदू परिषद

फूस के कमरे, ज़मीन पर बच्चे, कोई शिक्षक नहीं – बिहार के सरकारी मदरसे क्यों हैं बदहाल?

आपके कपड़े रंगने वाले रंगरेज़ कैसे काम करते हैं?

‘हमारा बच्चा लोग ये नहीं करेगा’ – बिहार में भेड़ पालने वाले पाल समुदाय की कहानी